सियासत दर्पण न्यूज़ से गणेश तिवारी की रिपोर्ट
स्व. सावित्री देवी पांडे की स्मृति में आयोजित राम रसायन कार्यक्रम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
रायपुर।सियासत दर्पण न्यूज़,,प्रभु श्रीराम की भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत राम रसायन कार्यक्रम का आयोजन रायपुर की पुरानी बस्ती स्थित गोपाल मंदिर, बनियापारा में अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन पूज्य आलोक पांडे की माताजी स्वर्गीय श्रीमती सावित्री देवी पांडे के वार्षिक श्राद्ध की पावन स्मृति में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, गणमान्य नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध पत्रकार, आध्यात्मिक चिंतक एवं प्रखर वक्ता संदीप अखिल ने राम रसायन की अमृत धारा प्रवाहित की। उन्होंने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण कथन के माध्यम से रामकथा के गूढ़ रहस्यों को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हुए जीवन में धर्म, करुणा, कर्तव्य और सेवा के महत्व को रेखांकित किया। कथा श्रवण के दौरान पूरा वातावरण भक्तिरस में डूबा रहा और श्रद्धालु भाव-विभोर होकर प्रभु श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लेते नजर आए।

यह भव्य धार्मिक आयोजन चतुर्वर्णार्य धर्म स्तम्भ काउंसिल के तत्वावधान में तथा अखिल भारतीय हिन्दू परिषद के प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडे द्वारा कराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल दिवंगत आत्मा की शांति हेतु श्रद्धांजलि अर्पित करना था, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना भी रहा।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से चंद्रशेखर शुक्ला, डॉक्टर सौरभ निवाड़ी, प्रदीप सिंह ठाकुर, जीत शर्मा, अखिल भारतीय हिन्दू परिषद के संगठन महामंत्री एवं वरिष्ठ पत्रकार गणेश तिवारी, मयंक हड़प, उत्कर्ष सिंह गारेवाल , बृजमोहन अग्रवाल के सुपुत्र आदित्य अग्रवाल, अंम्बर अग्रवाल,सहित अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं पत्रकार जगत से जुड़े गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इनके साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए और कथा का लाभ लिया।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने स्व. सावित्री देवी पांडे के धार्मिक, संस्कारवान एवं प्रेरणादायी जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति व परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।







