रायपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) रायपुर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गाजियाबाद निवासी अनिल कुमार, अजय तिवारी और रिंकू सिंह को गिरफ्तार किया है।
ये आरोपी नोएडा के गौर सिटी मॉल में फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर देशभर के लोगों को बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि और लोन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे। आरोपियों ने रायपुर के मुजगहन निवासी परमजीत सिंह चड्डा से ही 9.60 लाख रुपये ठग लिए थे।
बीमा मैच्योरिटी के नाम पर बनाया शिकार
पुलिस के मुताबिक, प्रार्थी परमजीत सिंह चड्डा को नवंबर 2024 में एक कॉल आया, जिसमें खुद को बैंक अधिकारी बताकर कहा गया कि उनके नाम पर 98.64 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी मैच्योर हो चुकी है।
आरोपी अनिरुद्ध चौधरी और उसकी सहयोगी सरला आर्या ने प्रोसेसिंग फीस, कागजी कार्रवाई, टैक्स और एनओसी के नाम पर अलग-अलग किश्तों में रकम जमा कराई।
झांसे में आकर प्रार्थी ने मार्च से जुलाई 2025 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 9.60 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब आरोपियों ने आरबीआई के फर्जी दस्तावेज और डीडी भेजे, तब शक होने पर प्रार्थी ने बैंक में जांच कराई, जहां ठगी का राजफाश हुआ।
नोएडा के गौर सिटी मॉल में रेड और गिरफ्तारी
मामले की जांच में जुटी एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और मुजगहन पुलिस ने मोबाइल नंबर और बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन दिल्ली-एनसीआर में मिली। पुलिस टीम को दिल्ली भेजा गया, जहां नोएडा के गौर सिटी मॉल में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर रेड की कार्रवाई की गई।
महिला की आवाज निकालकर करते थे बात
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए आवाज बदलकर महिला बनकर बात करते थे, जिससे लोग आसानी से उनके झांसे में आ जाते थे। यह गिरोह पिछले करीब नौ महीने से सक्रिय था और देशभर में लोगों को ठग चुका है। रेड के दौरान मौके से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
आरोपियों की पहचान और जांच जारी
पुलिस अब उनसे अन्य राज्यों में हुई ठगी की घटनाओं के संबंध में पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह ने फर्जी मोबाइल नंबर और बैंक खातों का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाई थी।
गिरफ्तार आरोपियों में अनिल कुमार (37) निवासी लोनी देहात, अजय तिवारी (33) निवासी विजय नगर और रिंकू सिंह (42) निवासी शालीमार गार्डन, गाजियाबाद शामिल हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य पीड़ितों की तलाश की जा रही है।






