Home / राजधानी / *चोरी के आरोप में कर्मचारी को बंधक बनाकर पीटा, संचालक समेत 11 पर FIR दर्ज*

*चोरी के आरोप में कर्मचारी को बंधक बनाकर पीटा, संचालक समेत 11 पर FIR दर्ज*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

रायपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) सदरबाजार में एक सराफा कारोबारी ने अपने ही कर्मचारी पर जेवर चोरी करने का आरोप लगाकर उसकी जमकर पिटाई की। इसकी शिकायत पर पुलिस ने संचालक सहित 11 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

पुलिस के मुताबिक महादेवघाट निवासी आर्यन शर्मा सदरबाजार स्थित ज्वेलर्स में रिपेयरिंग हेल्पर का काम करता है। 23 मार्च दोपहर को दुकान के संचालक व अन्य लोगों ने आर्यन पर चोरी का आरोप लगाया और उसे एक कमरे में ले गए। वहां उसके हाथ-पैर बांध दिए। उसके कपड़े उतार दिए। इसके बाद मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद उसकी जमकर पिटाई की। करीब 8 घंटे तक रुक-रुक कर पिटाई करते रहे। इससे वह बेहोश हो गया। होश आने पर फिर उसकी पिटाई करते रहे। इससे कई गंभीर चोटें आईं। रात करीब 12 बजे तक दुकान संचालक और उनके कर्मचारी उसे अलग-अलग तरीके से मारते-पीटते रहे। रात 1 बजे जब आर्यन की मां दुकान पहुंची, तो उन्हें कहा गया कि चोरी किए गए जेवर के बराबर के जेवर देने पर ही उसे छोड़ा जाएगा। इसके बाद आर्यन की मां ने अपने घर के सोने-चांदी के सभी जेवर दुकान संचालक को दिए। इसके बाद आर्यन को छोड़ा गया। इसकी शिकायत आर्यन ने कोतवाली थाने में की।

आर्यन की शिकायत पर पुलिस ने ज्वेलर्स के संचालक , थर्ड फ्लोर में काम करने वाले रसोइया सहित 11 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 127(2), 296, 3(5), 351(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। ज्वेलर्स में काम करने वाले आर्यन शर्मा के खिलाफ दुकान के ऑपरेशन मैनेजर ने एफआईआर दर्ज कराई है।

इसके तहत आर्यन ने दुकान की दुर्ग शाखा से रिपेयरिंग के लिए आए 19 ग्राम 320 मिली ग्राम के दो डायमंड रिंग और एक जोड़ी सोने के टॉप्स कुल 6 लाख 49 हजार 702 रुपए को चुराकर अपने घर में छिपा लिया था। इसकी जानकारी होने पर उसके माता-पिता ने जेवर लौटा दिए। इसके बाद आर्यन द्वारा चोरी करने के कारण ऑपरेशन मैनेजर ने उसके खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत की। पुलिस ने आर्यन के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page