Home / छत्तीसगढ़ / *बिलासपुर चावल घोटाला: वेयरहाउस में 130 किलो प्रति ट्रक का फर्जीवाड़ा*

*बिलासपुर चावल घोटाला: वेयरहाउस में 130 किलो प्रति ट्रक का फर्जीवाड़ा*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

बिलासपुर: (सियासत दर्पण न्यूज़) न्यायधानी के लिंगियाडीह स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाउस कारपोरेशन से सरकारी राशन दुकानों को वितरित किए जाने वाले चावल में भारी अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार, दुकानदारों को भेजे जाने वाले स्टॉक में प्रति गाड़ी 130 किलो से अधिक चावल की हेरफेर की जा रही है। मामला तब खुला जब एक ट्रक के वजन की बारीकी से जांच की गई।

नियमों के मुताबिक, एक ट्रक में 250 बोरी यानी कुल 124 क्विंटल 90 किलो चावल भेजा जाता है। मानक के अनुसार, एक खाली बोरी का वजन 580 ग्राम होता है। इस गणना से 250 बोरियों का कुल वजन 145 किलो होता है, जो ‘अंतर’ के रूप में दुकानदारों को अतिरिक्त मिलना चाहिए। लेकिन गड़बड़ी यह हुई कि आईडी क्रमांक 1107 की पर्ची में बोरियों की संख्या 250 के बजाय केवल 25 दर्शाई गई। इसके चलते दुकानदारों को 145 किलो के बदले मात्र 14.5 किलो अतिरिक्त चावल दिया जा रहा था। इस तरह एक ही गाड़ी से सीधे तौर पर 130.5 किलो चावल का गबन किया जा रहा था।

अप्रैल माह में शासन के निर्देशानुसार एपीएल और बीपीएल कार्डधारकों को तीन महीने (अप्रैल, मई, जून) का चावल एकमुश्त वितरित किया जाना है। इस कारण गोदाम पर काम का दबाव बढ़ गया है और रोजाना 35 से 40 ट्रक रवाना हो रहे हैं।

वेयर हाउस कारपोरेशन के प्रबंधक अरुण सिंघल ने इसे ‘न्यूमेरिकल त्रुटि’ करार दिया है। उनका कहना है कि धर्मकांटा पर केवल एक कर्मचारी होने और काम का अधिक दबाव होने के कारण यह मानवीय भूल हुई है। हालांकि, दुकानदारों का आरोप है कि यह खेल वर्षों से चल रहा है और यदि निष्पक्ष जांच हो तो करोड़ों का घोटाला सामने आ सकता है।

शासकीय राशन दुकानदार एवं विक्रेता कल्याण संघ के जिला अध्यक्ष रवि परयानी ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने जिले के सभी 700 उचित मूल्य दुकान संचालकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे सामग्री प्राप्त करते समय धर्मकांटा की वजन पर्ची का गहराई से मिलान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना भौतिक सत्यापन के सामग्री ग्रहण न करें और किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।

यह पहली बार नहीं है जब लिंगियाडीह स्थित इस गोदाम में वजन की गड़बड़ी पकड़ी गई हो। इससे पहले भी शिकायतें हुई थीं, लेकिन तब जांच में मात्र 5-6 किलो का अंतर बताकर मामला रफा-दफा कर दिया गया था। दुकानदारों का कहना है कि अधिकारियों को जांच की सूचना पहले ही मिल जाती है, जिससे वे कांटों में सुधार कर लेते हैं। वर्तमान में बिलासपुर जिले की राशन दुकानों के माध्यम से हजारों गरीब परिवारों का पेट भरता है, ऐसे में इस तरह की लापरवाही सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े करती है।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page