(सियासत दर्पण न्यूज़) आईवरी कोस्ट (Ivory Coast) के राष्ट्रपति अलहसन औतारा ने सोशल मीडिया पर वायरल उस तस्वीर को लेकर सफाई दी है, जिसमें एक व्यक्ति को हज के दौरान जमीन पर लेटा हुआ दिखाया गया था। दावा किया जा रहा था कि तस्वीर में दिख रहे शख्स राष्ट्रपति अलहसन औतारा हैं।
हालांकि राष्ट्रपति ने इस दावे को खारिज करते हुए बेहद भावुक और रूहानी बात कही। उन्होंने कहा:
“मैंने सोशल मीडिया पर वायरल वह तस्वीर देखी, जिसमें मुझे हज के दौरान जमीन पर लेटा हुआ दिखाया गया है। वह तस्वीर मेरी नहीं है, लेकिन दिल की गहराइयों से मेरी यह तमन्ना जरूर है कि मैं भी एक आम हाजी की तरह उस पाक सरजमीं पर अपना चेहरा मिट्टी में रखकर इबादत करने की सआदत हासिल करूं।”
उन्होंने कहा कि यह ख्वाहिश उन्हें उस ऐतिहासिक मंजर की याद दिलाती है, जब इंसाफ और सादगी की मिसाल हजरत उमर फारूक (रज़ि.) ने जिंदगी के आखिरी लम्हों में अपने बेटे अब्दुल्ला (रज़ि.) से कहा था:
“क्या मैंने तुमसे नहीं कहा था, मेरा चेहरा मिट्टी पर रख दो।”
राष्ट्रपति ने कहा कि जिनके कदमों के नीचे आधी दुनिया की सल्तनत थी, वह भी अपने आखिरी वक्त में अपने रब के सामने झुक जाना चाहते थे।
उन्होंने आगे कहा:
“इस मुकद्दस जगह पर आकर मुझे पूरा यकीन हो गया कि सत्ता का प्रोटोकॉल, राष्ट्रपति भवन की शान, और सुरक्षा के मजबूत घेरे भी इंसान को अल्लाह के सामने कोई फायदा नहीं दे सकते। वहां इंसान के साथ सिर्फ उसके नेक आमाल जाते हैं।”
उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी बहुत भारी अमानत है और लोगों के हक के बारे में अल्लाह के सामने जवाबदेही बहुत सख्त है।
अपने देशवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:
“अगर मुझसे अपने फर्ज निभाने में, या आपके हक और हितों की रक्षा करने में कोई कमी या गलती हुई हो, तो मुझे माफ कर दीजिए। क्योंकि कयामत के दिन हिसाब बहुत सख्त होगा और उस दिन कामयाबी सिर्फ अल्लाह की रहमत से मिलेगी।”
