*आबकारी विभाग की नई व्यवस्था लागू*

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रायपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ सरकार ने आबकारी विभाग की 53 सेवाओं को छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत अधिसूचित करते हुए निराकरण की समय-सीमा तय कर दी है। पहले बार लाइसेंस जैसे छोटे मामलों में भी महीनों लग जाते थे।

अब सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार, रेस्टोरेंट बार, होटल बार और शॉपिंग मॉल रेस्टोरेंट बार के नए लाइसेंस के लिए जिला स्तर पर 20 दिन और शासन स्तर पर कुल 40 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। इन लाइसेंसों के नवीनीकरण का काम मात्र 15 दिनों के भीतर पूरा करना होगा। पर्यटन बार के रिन्युअल के लिए 20 दिन का समय निर्धारित किया है।

बड़े औद्योगिक लाइसेंस जैसे आसवनी, बोतल भराई (बॉटलिंग) और वाइनरी के नए लाइसेंस के लिए गहन जांच-पड़ताल की जरूरत होती है, इसलिए इनके लिए 175 दिनों की अधिकतम सीमा तय की गई है। हालांकि, इनके नवीनीकरण का काम 30 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। वहीं, देशी मदिरा के थोक भंडारण और वितरण के लाइसेंस का निराकरण केवल 8 दिनों में करना होगा।

सिर्फ बार ही नहीं, बल्कि मनोरंजन और सामाजिक क्लबों के लिए भी नियम लागू किए गए हैं। व्यावसायिक क्लबों को नए लाइसेंस के लिए 35 दिन और नवीनीकरण के लिए 30 दिन की समय-सीमा दी गई है। वहीं, मिलिट्री कैंटीन और मिलिट्री क्लब या मेस से जुड़े लाइसेंस संबंधी आवेदनों का निराकरण अब मात्र 15 कार्य दिवसों के भीतर करना अनिवार्य होगा।

शराब के परिवहन और स्प्रिट जैसे सामानों के आयात, निर्यात और परिवहन परमिट जारी करने के लिए केवल 7 दिनों का समय तय की गई है।

छोटे व्यापारियों के लिए खास प्रावधान

टेम्परेरी लाइसेंस: शादी-ब्याह या किसी खास आयोजन के लिए मदिरा परोसने के लाइसेंस के लिए अब महीनों इंतजार नहीं करना होगा। जिला स्तर पर इसका निराकरण 5 दिन और आबकारी आयुक्त के अनुमोदन की स्थिति में 7 दिनों के भीतर होगा।
फुटकर दुकानें: फुटकर शराब दुकानों के लाइसेंस संबंधी कार्य मात्र 5 दिनों में निपटाने होंगे।
ब्रांड रजिस्ट्रेशन: मदिरा के लेबल और ब्रांड पंजीयन के लिए 34 दिनों की समय-सीमा दी गई है।

अफसरों की जवाबदेही तय हर सेवा के लिए एक अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिसकी जिम्मेदारी तय समय में काम पूरा करने की होगी। यदि समय पर काम नहीं होता है तो आवेदक प्रथम और द्वितीय अपील कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, बार लाइसेंस के मामलों में कलेक्टर सक्षम अधिकारी होंगे और अपील आबकारी आयुक्त या सचिव (आबकारी) के पास की जा सकेगी।

हर काम की समय सीमा तय आबकारी विभाग में पारदर्शिता और प्रतिबद्धता लाने के लिए अब हर काम के लिए एक समय सीमा तय कर दी गई है। अगर अफसर उस समय में कार्य पूर्ण नहीं करेंगे तो उन पर कार्रवाई भी जाएगी। इससे विभाग के कामकाज में तेजी आएगी। आबकारी का राजस्व भी बढ़ेगा। -पीएस एल्मा, आयुक्त, आबकारी

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