अंबिकापुर : (सियासत दर्पण न्यूज़) अंबिकापुर के कन्या परिसर रोड बिशुनपुर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से फरार 13 अपचारी बालकों में से दो को ढूंढ लिया गया है, लेकिन 11 अब भी फरार हैं। इनमें चोरी,दुष्कर्म जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल अपचारी बालक भी शामिल हैं।संप्रेक्षण गृह के पुराने दरवाजे को क्षतिग्रस्त कर ये सभी भागे हैं।
23 जून को भी यहां से 11 बच्चे खिड़की तोड़कर भागे थे और फरवरी में भी ऐसी ही घटना हुई थी।
हर बार निरीक्षण हुए, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को लेकर निर्देश जारी हुआ लेकिन जमीनी स्तर पर सुरक्षा को लेकर काम नहीं होने से बच्चों को भागने का मौका मिल गया। इस बार भी खिड़की-दरवाजों की वेल्डिंग का काम अधूरा था और नगर सैनिक बढ़ाए नहीं गए थे जबकि इसकी मांग की गई थी।
परीविक्षा अधिकारी शमा नूरी ने बताया कि इस बार का मास्टरमाइंड अंबिकापुर का ही अपचारी बालक है।शहर में उसका अपना कोई नजदीकी नहीं है। शहर के एक आदतन अपराधी के साथ रहकर वह आपराधिक घटनाओं में शामिल हो गया है। पिछली बार भागकर वह खुद लौट आया था। इस बार भी वह भागा है। उसी के इशारे पर तीन पुराने और 10 नए बच्चे भागे हैं।
फरार बच्चों में सरगुजा, बलरामपुर और कोरिया के बालक हैं। बच्चे भाग कर कई बार अपने घरों को चले जाते हैं, इसलिए घरवालों को भी निर्देशित किया गया है कि यदि बच्चे घर लौटे तो उन्हें वापस बाल संप्रेक्षण गृह में लाया जाए।बार-बार की घटनाएं बता रही हैं कि सुरक्षा को नजरअंदाज करना ही हर बार अपचारी बालकों के भागने का कारण बन रहा है।






