अंबिकापुर : (सियासत दर्पण न्यूज़) अंबिकापुर के बौरीपारा शिकारी रोड स्थित भाजपा नेता व नामांकित पार्षद रमेश जायसवाल के फार्म हाउस में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब 12 फीट लंबे अजगर को बत्तख निगलते हुए देखा गया। ‘स्नेक मैन’ सत्यम द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर अजगर को सुरक्षित पकड़ा। अजगर को जंगल में छोड़ने की तैयारी है।
दरअसल, नामांकित पार्षद रमेश जायसवाल ने फार्म हाउस में बत्तख, मुर्गा-मुर्गी पाल रखे हैं।दूसरे पालतू जानवर भी हैं। सभी को खुला रखा जाता है। इनके लिए अलग से कोई दड़बा नहीं बनाया गया है। पिछले कुछ दिनों से मुर्गा-मुर्गी और बत्तख की संख्या लगातार कम हो रही थी। रमेश जायसवाल को संदेह था कि अजगर इन्हें अपना निवाला बना रहा है, क्योंकि पूर्व के वर्षों में भी यहां से अजगर पकड़े जा चुके हैं।
बुधवार सुबह करीब पांच बजे रमेश जायसवाल ने देखा कि एक विशाल अजगर बत्तख को मुंह की ओर से निगल रहा है। आधे से ज्यादा बत्तख अजगर के पेट में जा चुकी थी। उन्होंने अजगर को कोई नुकसान पहुंचाए बिना तुरंत ‘स्नेक मैन’ सत्यम द्विवेदी को सूचना दी।
पकड़ते ही अजगर ने उगला शिकार, तब तक थमी थीं बत्तख की सांसें
सूचना पर सत्यम द्विवेदी फार्म हाउस पहुंचे। उन्होंने देखा कि अजगर धीरे-धीरे बत्तख को निगल रहा है। काफी देर इंतजार के बाद भी जब अजगर ने बत्तख को पूरा नहीं निगला तो सत्यम ने सावधानी से अजगर को पकड़ लिया। जैसे ही अजगर को उठाया गया, उसने बत्तख को उगल दिया। तब तक बत्तख की मौत हो चुकी थी। पकड़े गए अजगर की लंबाई लगभग 12 फीट है। फिलहाल उसे सुरक्षित रखा गया है। जल्द ही अजगर को प्राकृतिक रहवास में छोड़ दिया जाएगा।
9 में से सिर्फ 5 बत्तखें बचीं; पहले भी मुर्गा-मुर्गी को बना चुका है निवाला
रमेश जायसवाल ने बताया कि उनके फार्म हाउस में पहले नौ बत्तख थीं, अब केवल पांच बची हैं। मुर्गा-मुर्गी भी कम हो गए हैं। उन्हें आशंका है कि फार्म हाउस में एक और अजगर हो सकता है। पूर्व में भी यहां से कई बार अजगर रेस्क्यू किए जा चुके हैं।
सत्यम द्विवेदी ने बताया कि बारिश के मौसम में भोजन की तलाश में अजगर अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं। इस दौरान नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए और अजगर दिखने पर उसे मारने की बजाय वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक कैचर को सूचना देनी चाहिए।






