रायपुर ।(सियासत दर्पण न्यूज़) रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में छात्रों के डेटा को लेकर NSUI ने छात्रों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। इस दौरान NSUI के PRSU अध्यक्ष पुनेश्वर लहरे ने यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार कपिल देव को कहा कि छात्रों के साथ मजाक नहीं चलेगा। तीन-तीन पेपर लीक हुए हैं। थप्पड़ पड़ेगा, अगर गलती करोगे तो चाहे कोई भी हो।
मंगलवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुनेश्वर लहरे ने कुलसचिव के सामने परीक्षा से जुड़े आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए युनिवर्सिटी की ओर से मांगे गए डेटा का कागज फाड़ दिया। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी, एक-दो अंकों से फेल होने और ईयर बैक नियम के कारण हजारों स्टूडेंट्स का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
इसी के विरोध में NSUI ने सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा मूल्यांकन में पारदर्शिता, उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच और परीक्षा से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की। छात्र नेताओं ने कुलपति से मुलाकात कर मांगों पर कार्रवाई के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
कुलसचिव से बोले- छात्रों के साथ मजाक नहीं चलेगा
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय की ओर से दिए गए आंकड़ों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले में अधूरी या सवालों से अलग जानकारी देकर काम नहीं चल सकता।
NSUI नेता ने कहा कि विश्वविद्यालय में तीन पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि दोबारा ऐसी गलती हुई तो छात्र विरोध करेंगे, चाहे जिम्मेदार कोई भी हो।
एक कचौड़ी, दो समोसा…के नारे लगाकर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय की परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने “एक कचौड़ी, दो समोसा, IGKV फैकल्टी का क्या भरोसा!” जैसे नारे लगाकर अपना विरोध जताया।
छात्रों ने कहा कि परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ियों और सख्त Year Back नियम के कारण परेशानी हो रही है। कई स्टूडेंट 1-2 नंबरों से फेल हो रहे हैं, जिससे उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होने का खतरा है।
B.Sc. कृषि के रिजल्ट की दोबारा जांच की मांग
NSUI ने B.Sc. कृषि UG पाठ्यक्रम के परीक्षा परिणामों पर सवाल उठाते हुए प्रभावित विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं की निष्पक्ष दोबारा जांच कराने की मांग की। छात्र नेताओं का कहना है कि मूल्यांकन में किसी तरह की गलती हुई है, तो उसे सुधारकर संशोधित परिणाम जारी किए जाने चाहिए।
छात्रों ने Year Back नियम समाप्त करने, UG विद्यार्थियों के लिए Clearance Exam की व्यवस्था करने और पुनर्मूल्यांकन शुल्क में राहत देने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही ग्रेस मार्क्स के नियमों में छात्रहित के अनुसार बदलाव करने की मांग की गई।
कुलपति को 15 दिन का अल्टीमेटम
NSUI ने कहा कि विद्यार्थियों के फेल-पास परिणाम और उपस्थिति से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक किए जाने चाहिए। इससे छात्रों को अपनी शैक्षणिक स्थिति की सही जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा मूल्यांकन में पारदर्शिता रखना और विद्यार्थियों के हित में उचित निर्णय लेना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है।
पुनेश्वर लहरे के मुताबिक, छात्र प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी हैं। विश्वविद्यालय को कार्रवाई के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इस अवधि में मांगें पूरी नहीं होने पर NSUI ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस प्रदर्शन में हेमंत पाल, अंकित बंजारे, अमित कुर्रे, विकास मित्तल, रूबेन उइके, सूर्यकांत सहित सैकड़ों छात्र शामिल हुए। छात्रों ने कहा कि 15 दिनों में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।






