जगदलपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) बस्तर पुलिस ने सेवानिवृत्त शिक्षक से पेंशन कार्ड बनवाने के नाम पर 5 लाख 90 हजार की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के दो आरोपियों सहबाज अंसारी पिता इजराइल मिया, उम्र 34 वर्ष एवं जियाउल हक पिता नफील मिया, उम्र 36 वर्ष निवासी झारखंड के जामताड़ा को गिरफ्तार किया है। अपराध दर्ज होने के महज 20 दिनों के भीतर की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपियों को न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर आज शुक्रवार को जगदलपुर लाया गया। साइबर ठगी के इस मामले में आरोपियों ने फेसबुक पर पेंशन कार्ड बनाने से संबंधित विज्ञापन के जरिए आवेदक की जानकारी हासिल की और उनके बैंक खाते से रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर ठगी की। मामले में थाना फ्रेजरपुर (परपा) में अपराध क्रमांक 241/2026 दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश पर गठित टीम ने तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से 82 एटीएम कार्ड, 06 नए मोबाइल, 05 सिम कार्ड 25 हजार रुपये नकद और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस अन्य राज्यों में भी इस गिरोह के संभावित साइबर अपराधों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एक सेवानिवृत्त शिक्षक को फेसबुक पर सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड बनवाने का विज्ञापन दिखाई दिया। सरकारी लाभ मिलने की उम्मीद में उन्होंने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक किया। लिंक खुलने पर ऑनलाइन फॉर्म में आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाते से संबंधित जानकारी भरने का विकल्प मिला। प्रार्थी द्वारा फॉर्म में आंशिक जानकारी भरकर छोड़ देने के बाद अज्ञात मोबाइल नंबरों से फोन कॉल आए। इन कॉल के माध्यम से प्रार्थी की व्यक्तिगत एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी प्राप्त की गई और उनके बैंक खाते से (पांच लाख नब्बे हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर ठगी कर ली गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर के पर्यवेक्षण तथा नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे एवं उप पुलिस अधीक्षक, साइबर चंद्रहास के मार्गदर्शन में विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस टीम ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों, ठगी की रकम जिन बैंक खातों में स्थानांतरित हुई थी, तथा एटीएम से रकम निकासी से संबंधित सीसीटीव्ही जानकारी का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में आरोपियों के तार झारखंड के जामताड़ा जिले से जुड़े पाए गए। आरोपी लगातार अपना लोकेशन बदल रहे थे। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनका लोकेशन कोलकाता, पश्चिम बंगाल में ट्रेस किया गया। इसके बाद निरीक्षक सागर पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम को कोलकाता रवाना किया गया। कोलकाता के पार्क स्ट्रीट क्षेत्र में लगभग 200 होटलों से जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और स्थानीय पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।






