Home / छत्तीसगढ़ / *CGPSC घोटाला: सोनवानी को जमानत नहीं*

*CGPSC घोटाला: सोनवानी को जमानत नहीं*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

बिलासपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) CGPSC एग्जाम 2020-2021 घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस के आरोपी आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिली है। जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की सिंगल बेंच ने कहा कि, ईडी की ओर से दिए दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया आरोपी की भूमिका सामने आती है। जानलेवा स्थिति या हिरासत में जरूरी इलाज नहीं मिलने के प्रमाण के बिना PMLA की विशेष छूट का लाभ नहीं दिया जा सकता।

CGPSC घोटाले में ईडी ने टामन सिंह सोनवानी को जुलाई 2026 में गिरफ्तार किया था। तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं। इससे पहले रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत ने 20 अगस्त 2026 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

ईडी के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के दौरान प्रश्नपत्र लीक कराने और पसंदीदा अभ्यर्थियों के चयन में मदद करने के लिए आर्थिक लेन-देन किया गया। एजेंसी ने करीब 3.45 करोड़ रुपए की अपराध से अर्जित राशि का उल्लेख किया है। इसमें 33 से अधिक अभ्यर्थियों से कथित तौर पर करीब 3 करोड़ रुपए जुटाने और रकम को अलग-अलग माध्यमों से पहुंचाने का आरोप भी शामिल है।

मेडिकल आधार पर जमानत की मांग खारिज

सोनवानी की ओर से दलील दी गई कि उन्हें हृदय संबंधी परेशानी के कारण 20 अगस्त 2026 को अस्थायी पेसमेकर लगाया गया था और स्थायी पेसमेकर लगाने की सलाह दी गई थी। उनके वकील ने उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत मांगी।

ईडी ने बताया कि जरूरत पड़ने पर रायपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल या एम्स में इलाज कराया जा सकता है। इसके अलावा सह आरोपियों को जमानत मिलने का तर्क भी हाईकोर्ट ने नहीं माना।

33 से ज्यादा अभ्यर्थियों से 3 करोड़ वसूली का आरोप

जांच एजेंसी ED के अनुसार CG-PSC की 2020-21 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले में 33 से अधिक अभ्यर्थियों से करीब 3 करोड़ रुपए जुटाए गए। एजेंसी ने कुल अपराध से अर्जित राशि लगभग 3.45 करोड़ रुपए बताई है। आरोप है कि प्रश्नपत्र लीक कराने और चयन में मदद के बदले रकम ली गई।

2021 की भर्ती में 1.29 लाख अभ्यर्थी हुए थे शामिल

बता दें कि, साल 2021 की प्रारंभिक परीक्षा में 1,29,206 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से 2,548 मुख्य परीक्षा के लिए, 509 साक्षात्कार के लिए पहुंचे और 170 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। सीबीआई ने जनवरी 2026 में दाखिल आरोपपत्र में 29 लोगों को आरोपी बनाया था।

अब जमानत के लिए जा सकते हैं सुप्रीम कोर्ट

सीबीआई इस मामले में पहले ही आरोपपत्र और पूरक आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। ईडी की अभियोजन शिकायत विशेष पीएमएलए अदालत में लंबित है और वित्तीय लेन-देन तथा अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है। सोनवानी आगे सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर सकते हैं या परिस्थितियों में बदलाव होने पर कानून के अनुसार फिर जमानत मांग सकते हैं।

परिवार की परिभाषा से हटाया भतीजा, पर्चा लीक कराने लिए 45 लाख

ईडी का आरोप है कि भर्ती नियमों में 14 जुलाई 2021 को संशोधन कर परिवार की परिभाषा से ‘भतीजा’ शब्द हटाया गया, जिससे सोनवानी के भतीजों नितेश सोनवानी और साहिल सोनवानी के क्रमश: डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी पद पर चयन का रास्ता बना। ये आरोप जांच एजेंसी के हैं, जिनका अंतिम निर्णय ट्रायल में होना है।

इसके अलावा ईडी ने आरोप लगाया कि बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक श्रवण कुमार गोयल के माध्यम से ग्रामीण विकास समिति को सीएसआर के नाम पर 45 लाख रुपए दिए गए। एजेंसी का दावा है कि यह रकम कथित तौर पर प्रश्नपत्र लीक कराने के बदले दी गई थी।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page