*आर्थिक मजबूरियों के चलते स्कूल बस्ता उठाने की जगह कचरा चुनने बिनने को विवश है सैकड़ो बच्चे, सियासत दर्पण न्यूज़ से जावेद खान की खास रिपोर्ट

3

सियासत दर्पण न्यूज़ से जावेद खान की खास रिपोर्

बिलासपुर,सियासत दर्पण न्यूज़,,आज जहॉं हम विकसित भारत की बात करते है वहीं शिक्षाधानी बिलासपुर शहर में शैक्षणिक संस्थानों के गढ़ कोनी क्षेत्र में प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान जैसे सेंट्रल यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग कॉलेज,स्टेट यूनिवर्सिटी,ओपन यूनिवर्सिटी,आई टी आई, सैनिक निजी व शासकीय शाला है, वहीं पर यह बालक कबाड़ी(कचरा) बीन कर अपनी व अपनी बीमार माँ की इलाज व जीविका को मजबूर है। इस बच्चे के जैसा न जाने और कितने हज़ारों बच्चे होंगे जो पारिवारिक एवं आर्थिक मजबूरियों के कारण इस उम्र में स्कूल बस्ता की उठाने की जगह इस बोझ को ढोने को विवश है और रोज़ी-रोटी के तलाश में संघर्ष कर रहै है। इस विकसित भारत में न जाने कितनी ऐसी योजनाएं बनी होंगी जो ऐसे बच्चों के भविष्य को संवारने के काम आ सकता है लेकिन छत्तीसगढ़ शासन-प्रशासन मौन है।
जब हमारे बिलासपुर संवाददाता जावेद खान ने बच्चे से पूछा कि आप यह काम क्यों कर रहे हो? तो उस मासूम बच्चे ने कहा कि मॉं बीमार रहतीं है और पिता ध्यान नहीं देता।
आज हमारे अंदर ऐसे बच्चों के दुख: और संघर्ष को मेहसूस करने की वह संवेदनशीलता शुन्य हो चुका है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि बच्चे ही हमारा भविष्य हैं और शासन-प्रशासन और समाज का संयुक्त रूप से सतत् प्रयास होना चाहिए कि इन्हें शिक्षित और सभ्य बनाएं ताकि यह बाकी बच्चों से पीछे न रह जाएं और ग़लत राह न पकड़ ले।

3

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page