रायपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर बिलासपुर में एनएसयूआई और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, लाठीचार्ज से 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जो लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच की मांग करते हुए राज्य सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। दीपक बैज ने लाठीचार्ज की घटना पर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि, परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर शांतिपूर्वक घेराव था।
इस घेराव में सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन ने बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया है। इसकी कड़ी निंदा करता हूं। 50 से अधिकारी छात्र पुलिस के लाठीचार्ज से घायल हुए है। क्या लोकतंत्र में आवाज नहीं उठाया जा सकता है।
प्रदेश में सुशासन नाम मात्र का है। अपराध रुक नहीं रहा। लाठीचार्ज घटना की घोर निंदा करता हूं। जो भी अधिकारी इस घटनाक्रम के पीछे दोषी है, उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए और कार्रवाई होनी चाहिए।
दरअसल, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में बुधवार 3 जून को आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के निवास का घेराव करने निकले थे।
पुलिस ने सांसद आवास से पहले ही बैरिकेडिंग कर दी थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई।
हंगामे के दौरान भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का कुर्ता फट गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
इसके बाद जब प्रदर्शनकारी कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। घटना में कई छात्र और कार्यकर्ता घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सिम्स अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस ने मौके से 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में मुचलके पर रिहा कर दिया गया। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान कई जवान भी घायल हुए हैं। सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह के मुताबिक धक्का-मुक्की में पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं।
