*रायपुर,ईद मिलादुन्नबी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम के मुबारक मौके पर कौम के नाम एक अहम पैगाम।शहर सीरतुन्नबी कमेटी,रायपुर की दस्तबस्ता अपील*

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रायपुर,सियासत दर्पण न्यूज़,“मुल्क में अमन चैन और खुशहाली के लिए नबी की सीरत को अपनाएं।”

शहर सीरतुन्नबी कमेटी,रायपुर की दस्तबस्ता अपील

अल्हम्दुलिल्लाह ये महीना हम सबके लिए एक रहमत भरा इंसानियत से लबरेज़ एक खुशी का पैगाम देने वाला है। मोहसिने इंसानियत की विलादत का महीना है। जो हर महीनो और दिनों से अफ़ज़ल है। मुल्क में अमन चैन और खुशहाली के लिए नबी की सीरत को अपनाएं।
हमें अपने बुजुर्गों वलियों और औलिया के मिशन को याद रखना है कि वो इंसानियत के लिए अपने नबी के पैग़ाम को लेकर अपना वतन, घर, मां -बाप, रिश्तेदार, अजीज़ व अकारिब को छोड़कर हमारे लिए यहां तशरीफ लाए और हमें इंसानियत का पाठ पढ़ाया। और हमारे सीने को इल्म और ईमान से रौशन किया। तमाम कमेटी के जिम्मेदारान अपने – अपने इलाके के नौजवानों पर बिलखुसूस वालिदैन अपने बच्चों पर नज़र रखें और उन्हें इस्लामी किरदार और अपने नबी के अमल पर जिंदगी गुजारने की हिदायत दें ताकि रहमते आलम की यौमे विलादत पर खुदा की रहमत हम सब पर बरसे।
हमें डीजे,धूमाल, आतिशबाजी,बैंड बाजे,उछल कूद, डांस, शेर, चीते, जैसे जाहिलियत के काम नहीं करने है। जुलूस भी एकदम अमन और शांति से निकालें नारे लगाने में भी एहतियात बरतें,नारा ए तकबीर,नारा ए रिसालत,नारा ए हैदरी,इस्लाम ज़िंदाबाद के अलावा कोई दूसरा नारा न लगाएं। कोई हो- हुल्लड़, शोर शराबा ना करें जिससे हमारे नबी की रूहे मुबारक को तकलीफ हो। हमें वो काम करना चाहिए जो नबी की विलादत पर फरिश्तों ने किया था। और खुशियां मनाई थीं।
आखिर में बस इतना ही कि
भरम रखो मोहब्बत का
वफ़ा की शान बन जाओ,
किसी पर जान देदो या
किसी की जान बन जाओ,
तुम्हारे नाम से मुझको
पुकारें ये जहान वाले…
बन जाऊं मैं अफसाना
और तुम उन्वान बन जाओ..

टीम शहर सीरतुन्नबी कमेटी रायपुर, छत्तीसगढ़

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