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*रायपुर शहर में हर घर राम, घर-घर राम का वास हो – विकास उपाध्याय*

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पूर्व विधायक विकास उपाध्याय विजय दशमी पर राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित रामलीला व रावणदहन कार्यक्रमों में शामिल हुये

रायपुर,,सियासत दर्पण न्यूज़,, (छत्तीसगढ़)। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय हिन्दुओं के प्रमुख त्यौहार दशहरा के उपलक्ष्य में पूरे प्रदेशवासियों को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने रायपुर शहर के विभिन्न क्षेत्र में आयोजित रावणदहन, रामकथा सहित रामलीला के आयोजन में सम्मिलित हुए। विकास उपाध्याय ने विजयदशमी के इस अवसर पर संकल्प लिया कि वे बुराई पर अच्छाई की जीत हासिल करने लगातार क्षेत्र की सेवा में लगे रहेंगे।

विकास उपाध्याय विजयदशमी दशहरा के शुभ त्यौहार पर कल पूरे समय रायपुर शहर में आम जनता के बीच आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उपाध्याय ने कोटा, मोहबा बाजार एवं हीरापुर में उपस्थित होकर दशहरा उत्सव पर रावणदहन का कार्यक्रम संपन्न किया। तत्पश्चात् रामकुंड व लाखेनगर चौक जाकर रामलीला में भाग लिए साथ ही अपने हाथों से रावणदहन का कार्यक्रम संपन्न किया। गुढ़ियारी में आयोजित रावणदहन और रामलीला के कार्यक्रम में भी सम्मिलित हुए। विकास उपाध्याय ने विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित रामकथा व सुन्दरकाण्ड में भाग लेकर रावणदहन के कार्यक्रम को भी संपन्न किया। मोहबा बाजार में जाकर भारी संख्या में उपस्थित रावणदहन के कार्यक्रम में भाग लिया। हीरापुर एवं खमतराई में उन्होंने रामलीला के साथ ही रावणदहन के कार्यक्रम में काफी समय तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर लोगों के साथ हिन्दुओं के दशहरे के इस त्यौहार को बड़े धूमधाम से मनाये जाने शामिल हुए।

विकास उपाध्याय ने कहा कि नवरात्रि के पूरे नौ दिन जगदम्बामईया का सेवा करने के पश्चात् रायपुर शहर में दशहरा का उत्सव धूमधाम से मनाये जाने के पश्चात् कहा, भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक है, धैर्य की उपासक है। उन्होंने कहा, व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो, हिन्दू धर्म के लिए जरूरी है। विकास ने कहा, युद्ध अनिवार्य ही हो तो शत्रु के आक्रमण की राह न देखकर उस पर आक्रमण कर उसका पराभव करना ही कुशल राजनीति है। विकास उपाध्याय ने इशारे-इशारे में कहा, रोग और शत्रुओं को तो निर्माण होते ही खत्म कर देना चाहिये, एक बार यदि वे दाखिल हो गए तो फिर उन पर काबू कर पाना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा, मेरी इच्छा है रायपुर शहर में हर घर राम, घर-घरराम का वास हो। इसलिए मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्री रामजी का विजय ध्वज दशहरे के दिन लहराकर उनके द्वारा शुरूआत की गई है कि पूरे रायपुर शहर के हर मंदिर व धार्मिक स्थलों में विजय ध्वज लहराता रहे।

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