सियासत दर्पण न्यूज़ रायपुर की खबर
रायपुर,,,(सियासत दर्पण न्यूज़) बांग्लादेश में जारी हिंसा और सीमा पार अवैध आवाजाही की आशंकाओं के बीच रायपुर पुलिस ने शहर में सघन जांच अभियान शुरू किया है। ‘ऑपरेशन समाधान’ के तहत मंगलवार सुबह दूसरे राज्यों से आए लोगों की तस्दीक की गई।
इस दौरान एक हजार से अधिक लोगों की पहचान और दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें करीब 100 संदिग्ध सामने आए हैं। पुलिस को आशंका है कि इनमें कुछ बांग्लादेशी नागरिक या रोहिंग्या हो सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और पतासाजी करना है। जांच में जिन संदिग्धों के दस्तावेज अधूरे या संदिग्ध पाए गए हैं, उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। इनमें से कई लोग पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सीमा क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं।
संदिग्धों के मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच भी की जा रही है, ताकि उनके संपर्कों और लोकेशन का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि चार महीने पहले टिकरापारा इलाके से 10 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। तीन महीने पहले प्रदेशभर से 40 बांग्लादेशियों को फ्लाइट से वापस भेजा गया था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर की सुरक्षा को देखते हुए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

मुस्लिम समाज ने रायपुर पुलिस की एकतरफा एवं बर्बरता पूर्वक कार्यवाही का किया विरोध
23.12.2025 को मध्य रात्रि को रायपुर पुलिस रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी नागरिक होन के नामपर एक अवैध गैर कानूनी कार्यवाही करते हुए रायपुर शहर के लगभग 150 लोगो को हिरासत में लिया इन 150 लोगो में वरिष्ठ नागरिक महिला मरीज एवं सम्मानीय नागरिक थे। पुलिस ने इन सभी को सफाई देने की मोहलत भी नहीं दी एवं बर्बरतापूर्वक बिना किसी ठोस इल्जाम के इन सभी पर कार्यवाही की। पुलिस की इस कार्यवाही का मुस्लिम समाज पुरजोर विरोध करता है।
बार बार पूछे जाने पर भी पुलिस ने थाना ले जाने का कारण नही बताया ना ही किसी प्रकार की कोई लिखित नोटिस दी गई।
कानून के जानकारों का कहना है कि सरकार का नियम है कि सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच महिलाओ को हिरासत में नही लिया जा सकता
परंतु रायपुर पुलिस ने इस नियम को ताक में रखते हुए सभी को इतनी ठण्ड में सोने मे उठाया एवं जो जैसा है वैसी स्थिति में उठा कर ले गए मरीजो को उनकी आवश्यकता दैनिक दवाई भी नही लेने दिया गया।
सबसे बडी विडम्बना है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगो का समाज में प्रमुख स्थान रखते है एवं सभ्रांत परिवार से संबध रखते है। ये।सभी लोग जन्म से रायपुर में निवासरत है तथा बाप दादा आज़ादी से पहले यानी सालों से रायपुर में रहते।चले आ रहे है।
रायपुर शहर की समस्त मस्जिदों के मुतवल्ली, समाज सेवी संगठन के।पदाधिकारिगण, अधिवक्ताओ सहित समस्त मुस्लिम समाज पुलिस की इस कार्यवाही का विरोध करता है एवं इसके विरोध में विशाल धरना दिया
जाएगा । एवं बिषयगत जाँच की मांग की जाएगी ।
फैसल रिजवी अधिवक्ता, सोहेल सेठी(अध्यक्ष शहर सीरतुन्नबी कमेटी)सादिक अली अधिकता,,नोमान अकरम हामिद(पूर्व अध्यक्ष शहर सीरतुन्नबी कमेटी) अब्दुल फहीम, सैय्यद बाबर अली,अधिकता
मोहम्मद फुरकान,सैय्यद दानिश अली, अल्ताफ चौहान जुनैद रिजवी,,एवं मस्जिद के मुतवल्लियो ने पुलिस द्वारा किये गए बर्बरता पूर्वक कार्यवाही का कड़ा विरोध किया है,







