सियासत दर्पण न्यूज़ रायपुर की खबर
रायपुर,सियासत दर्पण न्यूज़, 26 दिसंबर 2025।
23 दिसंबर को रायपुर शहर में हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आज जुमे की नमाज़ के बाद राजीव गांधी चौक, सुभाष स्टेडियम के सामने समस्त मुस्लिम तंजीमों की ओर से एक शांतिपूर्ण धरना एवं मौन जुलूस आयोजित किया गया।


प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 23 दिसंबर की सुबह पुलिस द्वारा मुस्लिम समाज के लगभग 150 लोगों को उनके घरों से उठाकर पूरे दिन थाने में बैठाए रखा गया। इस दौरान न तो पूर्व सूचना दी गई और न ही आवश्यक मानवीय सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई। कई लोगों को सुबह से शाम तक भूखा-प्यासा बैठाए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
धरना स्थल से प्रशासन के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि मुस्लिम समाज को किसी भी प्रकार की जांच या कानूनी प्रक्रिया से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जांच की प्रक्रिया कानूनसम्मत, पारदर्शी, मानवीय और सम्मानजनक होनी चाहिए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि किसी एक समुदाय को विशेष रूप से निशाना बनाकर इस प्रकार की कार्रवाई न की जाए तथा भविष्य में किसी भी पूछताछ या जांच से पूर्व विधिवत सूचना एवं निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए।
आयोजकों ने कहा कि मुस्लिम समाज हमेशा अमन, भाईचारे और कानून के सम्मान में विश्वास रखता है और प्रशासन को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है, लेकिन निर्दोष नागरिकों के साथ अमानवीय व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
धरना एवं मौन जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

पुलिस की कार्यवाही के विरोध में मुस्लिम समाज के लोगों ने आज रायपुर के राजीव गांधी चौक में धरना दिया । इसमें ईसाई समाज के लोग भी शामिल हुए। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोग सड़क पर धरने पर बैठ गए जिससे काफी देर तक महिला थाना चौक से लेकर मोती बाग चौक तक का एक ओर का रास्ता बंद रहा ।
मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि राजधानी पुलिस कार्यवाही के नाम पर उनके समाज के लोगों को प्रताड़ित कर रही है । पिछले दिनों एक प्रतिबंधित एप में बात करने का आरोप लगाते हुए पुलिस मुस्लिम समाज के लोगों के यहां तड़के चार पांच बजे पहुंची और150 लोगो को जिसमे महिला बच्चे,सीनियर सिटी जन,को एक अपराधी की तरह उनसे व्यवहार करते हुए पूछताछ किया गया।
पुलिस कार्रवाई के तरीके पर कड़ा विरोध, न्याय व संवैधानिक मूल्यों की मांग
शहर सीरतुन्नबी कमेटी के आह्वान पर मुस्लिम समाज का एक विशाल, शांतिपूर्ण एवं आक्रोशित धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग एकत्रित हुए और एक स्वर में पुलिस की कार्रवाई के तरीके पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि विरोध पुलिस की वैधानिक जिम्मेदारियों से नहीं, बल्कि उनके अमानवीय, एकतरफा और भय उत्पन्न करने वाले तौर-तरीकों से है।
इस पूरी कार्रवाई से समाज में यह भावना प्रबल हुई कि यदि केवल पूछताछ ही उद्देश्य था, तो इसके लिए नोटिस, समन या सम्मानजनक कानूनी प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई।
शहर सीरतुन्नबी कमेटी के अध्यक्ष सोहेल सेठी ने कहा
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शहर सीरतुन्नबी कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद सोहेल सेठी ने कहा—
“मुस्लिम समाज हमेशा से कानून का सम्मान करता आया है और आगे भी प्रशासन के साथ समन्वय करता रहेगा। लेकिन बिना सूचना, बिना प्रक्रिया और डर पैदा करने वाले तरीकों से की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है। आज वर्दी सुरक्षा की नहीं, बल्कि भय और तानाशाही की पहचान बनती जा रही है—यह अत्यंत चिंताजनक है।”
उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग और न्यायपालिका की दिशा-निर्देशों की पूरी तरह अनदेखी की गई हो।
कानूनी दृष्टिकोण
वरिष्ठ अधिवक्ता फैसल रिज़वी ने कहा—
“भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC), सुप्रीम कोर्ट व उच्च न्यायालयों की स्पष्ट गाइडलाइंस के अनुसार महिलाओं और बुज़ुर्गों को रात में या बिना ठोस आधार के हिरासत में नहीं लिया जा सकता। इस प्रकरण में प्रथम दृष्टया संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन प्रतीत होता है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है।”
एकतरफा एवं लक्षित कार्रवाई का आरोप
धरना स्थल से यह भी कहा गया कि यह कार्रवाई एकतरफा और लक्षित प्रतीत होती है, जिससे मुस्लिम समाज के भीतर भय और अपमान की भावना उत्पन्न हुई है।
वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि समाज पूछताछ से नहीं, बल्कि पूछताछ के तरीके से आहत है।
विभिन्न समाजों की भागीदारी
इस धरना प्रदर्शन में मुस्लिम समाज के साथ-साथ अन्य समाजों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लेकर अपना समर्थन व्यक्त किया और संवैधानिक, शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
धरना प्रदर्शन में प्रमुख रूप से उपस्थित
पूर्व अध्यक्ष सीरत कमेटी नौमान अकरम हामिद,अशरफुल औलिया मस्जिद के मुतवल्ली इस्माइल गफूर, अलीम रज़ा,
राष्ट्रीय हुसैनी सेना अध्यक्ष राहिल रउफी, महासचिव रफीक गौटिया,
मो. आमिर (जनाब), सैयद सूफ़ी ओवैस,
ऑल मुस्लिम वेल्फेयर फाउंडेशन से फैसल रिज़वी (वरिष्ठ अधिवक्ता), मो. सिराज,
36गढ़ मुस्लिम महासभा से एजाज़ कुरैशी, मो. फहीम शेख,
अज़ीम खान कुरैशी, जमात मो. अलीम कुरैशी, आफताब कुरैशी,
मेमन जमात से इदरीस लोया, आसिफ़ मेमन, फारूख बेलिम, याक़ूब मुकाती,
बोहरा समाज से मोइज़ सैफी एवं साथीगण,
सिया समाज से हाजी मोहसिन अली सुहैल, हैदर अली (मुतवल्ली, हैदरी मस्जिद),
ईरानी समाज से बाबर भाई, सरफराज ईरानी,
मसीह समाज से मनीष दयाल,
सतनामी, बौद्ध, सिख एवं उत्कल समाज के प्रतिनिधि मंडल।
स्थानीय समाज के गणमान्य सदस्य
इस अवसर पर एजाज़ खान, शेख जावेद, फहीम खान, अब्दुल नादिर खान, फिरोज़ खान, शेख शकील, इसरार, नासिर खान, शफीक खान, आतिफ़ सेठी, अयान सेठी, गुड्डा सेठी, सद्दाम, हसन खान, अशफाक खान सहित हज़ारों की संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
आज के शांतिपूर्ण प्रदर्शन में सहयोगी कमेटी,,रायपुर मुस्लिम समाज एवं सहयोगी संगठन
(तहफ्फुज़-ए-नामूस-ए-रिसालत-एक्शन ट्रस्ट TNRAT छत्तीसगढ़,शहर के मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली, राष्ट्रीय हुसैनी सेना,
प्रदेश मुस्लिम समाज कल्याण सोसाइटी,
ऑल मुस्लिम वेल्फेयर फाउंडेशन,
36गढ़ मुस्लिम महासभा,
गौसुल आज़म कमेटी, गौसिया यंग कमेटी,
रायपुर मेमन ज़मात)







