सियासत दर्पण न्यूज से गणेश तिवारी की रिपोर्ट
एसपी निखिल राखेचा बोले— तनाव न लें, धैर्य से पढ़ें, सभी विषयों को बराबर समय दें
सीईओ हरेश मंडावी, डॉ. पल्लवी क्षीरसागर व डीईओ रमेश निषाद ने बताया— टाइम मैनेजमेंट से बनेगा बोर्ड टॉपर
कांकेर,सियासत दर्पण न्यूज़,बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज ‘बोर्ड परीक्षा पे चर्चा’ के अंतर्गत कार्यशाला सह परिचर्चा का आयोजन किया गया। यह आयोजन पीएम श्री नरहरदेव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के हॉल में संपन्न हुआ। कार्यशाला में प्री-बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को कक्षा 10वीं एवं 12वीं की आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए विशेष रूप से मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर उपस्थित रहे। उनके साथ पुलिस अधीक्षक श्री निखिल अशोक कुमार राखेचा, जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश कुमार निषाद, तथा राज्य टीम के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इस दौरान शिक्षा मनोविज्ञान पर आधारित सलाह देने हेतु डॉ. पल्लवी क्षीरसागर ने भी विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान टाइम मैनेजमेंट सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि समय का सही प्रबंधन ही यह तय करता है कि विद्यार्थी निर्धारित समय में अधिक प्रश्नों को सही ढंग से हल कर पाएंगे या नहीं। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान एक-एक मिनट बहुत मूल्यवान होता है,

इसलिए विषयवार तैयारी, समय के अनुसार लिखने की गति, और सही रणनीति बनाकर पढ़ाई करना आवश्यक है।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि उत्तर लिखते समय सबसे पहले वे प्रश्न हल करें जिन पर उनकी पकड़ मजबूत हो, ताकि शुरुआत में आत्मविश्वास बढ़े और समय की बचत भी हो। उन्होंने कहा कि उत्तर विषयांतर न हों, लिखावट स्पष्ट हो और बिंदुवार उत्तर देने की आदत विकसित की जाए। साथ ही उन्होंने पॉजिटिव एटीट्यूड को सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान सकारात्मक सोच, नियमित अध्ययन, सही योजना और आत्मविश्वास के साथ उत्तर लिखें।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को खानपान को लेकर भी सावधान किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा के समय संयमित आहार-विहार जरूरी है तथा बाहर के खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए, जिससे स्वास्थ्य ठीक रहे और पढ़ाई में एकाग्रता बनी रहे। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में ‘हमर लक्ष्य’ कार्यक्रम के तहत विगत वर्षों में बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों के बेहतर परिणाम आए हैं और इसी परंपरा को इस वर्ष भी कायम रखना है।
कार्यशाला में विद्यार्थियों के लिए प्रोत्साहन की घोषणा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष भी राज्य की प्रावीण्य सूची में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को जिला प्रशासन द्वारा मुंबई की हवाई यात्रा कराई जाएगी। इसके अलावा सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप, टैबलेट और स्कूटी प्रदान किए जाएंगे। वहीं जिन विद्यालयों का बोर्ड परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहेगा, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप 05 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। कलेक्टर ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए और अपने अनुभव साझा करते हुए उन्हें आत्मविश्वास के साथ तैयारी करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने विद्यार्थियों को मोटिवेट करते हुए कहा कि परीक्षा के समय तनाव लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी विषयों की तैयारी धैर्यपूर्वक करें और सभी विषयों को बराबर समय दें। बच्चों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का एसपी ने सरल और प्रेरणादायक तरीके से जवाब दिया, जिससे विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला।
जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी ने विषयवार प्रबंधन, टाइम मैनेजमेंट और प्रश्न चयन की प्राथमिकता पर विद्यार्थियों को जरूरी टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा को लेकर अनावश्यक तनाव लेने के बजाय, समय पर उत्तर लिखना, शांत मन से प्रश्नों को समझना और पूरी क्षमता के साथ सकारात्मक प्रदर्शन करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यक्तिगत तौर पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया।
मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में उपस्थित डॉ. पल्लवी क्षीरसागर ने शिक्षा मनोविज्ञान पर आधारित सलाह देते हुए कहा कि परीक्षा से पहले विषयों का गूढ़ अध्ययन करना बहुत आवश्यक होता है। उन्होंने तनाव से राहत के लिए विद्यार्थियों को अपने लिए थोड़ा समय निकालने की सलाह दी। उन्होंने सोशल मीडिया के स्थान पर किताबों से पढ़ाई पर एकाग्रता बढ़ाने पर जोर दिया तथा अध्ययन और समय के बीच संतुलन बनाने की बात कही।
इससे पहले जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद ने भी परिचर्चा में विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षा केवल परीक्षा नहीं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, मॉडल पेपर अभ्यास, और आत्मविश्वास के साथ तैयारी करने की बात कही। साथ ही उन्होंने सभी विद्यालयों के नोडल शिक्षकों को भी विद्यार्थियों की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
डीएमसी (जिला परियोजना समन्वय) नवनीत पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यशाला में जिले के 308 छात्र-छात्राएं तथा प्रत्येक विद्यालय से एक-एक नोडल शिक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम में जिला शिक्षा विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। रायपुर से आए मोटिवेशनल स्पीकर्स द्वारा भी विद्यार्थियों के संशय का समाधान किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सही रणनीति के साथ बोर्ड परीक्षा की तैयारी को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और मार्गदर्शन को उपयोगी बताया।






