रायपुर । (सियासत दर्पण न्यूज़) राजधानी रायपुर के भाठागांव चौक से दतरेंगा मोड तक बन रही ‘इको फ्रेंडली सड़क’ में हो रही लेटलतीफी पर महापौर मीनल चौबे ने कड़ा रुख अपनाया है। बार-बार चेतावनी के बावजूद काम शुरू नहीं होने पर महापौर ने नाराजगी जताई, जिसके बाद नगर निगम के कार्यपालन अभियंता ने संबंधित ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नगर निगम ने 15वें वित्त आयोग मद से इस सड़क का निर्माण कार्य मेसर्स नरेश एंड कंपनी को सौंपा है। नोटिस में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि अगले 3 दिनों के भीतर डामरीकरण का कार्य अनिवार्य रूप से प्रारंभ किया जाए। यदि तय समय सीमा में काम शुरू नहीं होता है, तो अनुबंध की कंडिका 2-3 के तहत ठेकेदार पर भारी जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि इस मार्ग पर यातायात का भारी दबाव रहता है। सड़क निर्माण में देरी के कारण न केवल परियोजना प्रभावित हो रही है, बल्कि धूल और गड्ढों की वजह से आम जनता और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है।
अधिकारियों के मुताबिक 18 फरवरी 2026 को भी ठेकेदार को कार्य में तेजी लाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन एजेंसी ने काम को गंभीरता से नहीं लिया। कार्यपालन अभियंता ने नोटिस में लिखा है कि ठेकेदार की इस सुस्ती से नगर निगम रायपुर की छवि खराब हो रही है।
भाठागांव से दतरेंगा मोड तक 3.43 करोड़ की लागत से 1.2 किमी सड़क निर्माण के लिए फरवरी 2025 को वर्क ऑर्डर जारी किया गया। ठेका मेसर्स नरेश एंड कंपनी को मिला। समय-सीमा 12 माह निर्धारित थी।
निर्माण में देरी की शिकायत के बाद 31 जनवरी को स्थानीय विधायक सुनील सोनी और निगम आयुक्त विश्वदीप मौके पर पहुंचे। विधायक ने नाराजगी जताई और दो शिफ्ट में काम करवाकर मार्च तक निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया।
भाठागांव से दतरेंगा तक बन रही यह सड़क आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों से बनाई जानी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से खुदाई और अधूरे काम की वजह से आए दिन जाम और हादसों की स्थिति बनी रहती है। अब महापौर की सख्ती के बाद उम्मीद जगी है कि निर्माण कार्य जल्द पूरा होगा।






