रायपुर । (सियासत दर्पण न्यूज़) राजधानी रायपुर में रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 1.28 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की गई है। मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी गई और करीब 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर बंधक बनाकर रखा।
इस मामले में सोमवार को पुलिस ने आरोपी को हरियाणा से गिरफ्तार किया है, जिसका नाम सोमनाथ महतो है। आरोपी ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच अधिकारी बताया था और क्रेटिड कार्ड से मनी लॉन्ड्रिंग की बात कही थी।
गिरफ्तारी का डर दिखाते हुए ठग ने पैसों की डिमांड की, जिसके बाद रिटायर्ड डॉक्टर अलग-अलग दिनों में 1.28 करोड़ रुपए भेजे गए अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दिए। उन्होंने ठग को पैसे देने के लिए अपनी एफडी तुड़वा दी थी। मामला विधानसभा थाना क्षेत्र का है।
दरअसल, सपन कुमार पशु पालक विभाग से रिटायर्ड डॉक्टर हैं। 31 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 12:15 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से वॉट्सऐप कॉल आया और उसने खुद मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। फिर वॉट्सऐप एक एफआईआर की कॉपी भेजी।
कॉल करने वाले कहा कि सपन कुमार के क्रेडिट कार्ड से कई लोगों से धोखाधड़ी की गई है। गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठग ने बैंक खाते और एफडी की जानकारी मांगी। डरकर सपन कुमार ने सारी डिटेल ठग को वॉट्सऐप कर दिया।
3 जनवरी 2026 को ठगों ने रिटायर्ड डॉक्टर को एक खाते में 34 लाख रुपए RTGS के जरिए भेजने को कहा। डर और दबाव में आकर उन्होंने पैसे ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद 13 जनवरी को दूसरे खाते में 39 लाख रुपए भिजवाए।
16 जनवरी को तीसरे खाते में 55 लाख रुपए जमा करवाने को कहा, जिसके लिए रिटायर्ड डॉक्टर ने अपनी एफडी तुड़वा दी। इस तरह ठग ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1 करोड़ 28 लाख रुपए अलग-अलग बैंक अकाउंट ट्रांसफर करवा लिए।
जब रिटायर्ड डॉक्टर ने 55 लाख रुपए ठग के खाते में ट्रांसफर किए तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। जिसके बाद वो फौरन विधानसभा थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई। आईजी अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज साइबर थाना रायपुर ने ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ चलाया।
तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर कई खातों को फ्रीज कराया। पीड़ित को 58 लाख रुपए वापस मिल चुके हैं। शेष रकम भी आरोपी के अन्य खातों में होल्ड करा दी गई है।






