कांकेर : (सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ के रायपुर में शुक्रवार दोपहर अचानक मौसम (CG Weather Rain Alert) ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। यह बदलाव पश्चिम बंगाल से ओडिशा तक बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण हुआ है, जिसका असर प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है।
चक्रवाती सिस्टम से बनी स्थिति
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, जमीन से करीब 1.5 किलोमीटर ऊपर हवा का एक चक्रवाती घेरा बना हुआ है। यह सिस्टम नमी को ऊपर खींचकर बादल बना रहा है, जिससे आंधी और हल्की बारिश की स्थिति बन रही है। हालांकि, यह कोई बड़ा तूफान नहीं, बल्कि एक कमजोर मौसमी सिस्टम है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
पिछले 24 घंटों में राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री रहा। रायपुर में शनिवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। अगले दो दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है।
किसानों के लिए बढ़ी चिंता
कांकेर सहित कई इलाकों में दोपहर के समय तेज हवा के साथ 15 से 20 मिनट तक बारिश हुई। इससे मौसम तो ठंडा हुआ, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई। महुआ, मक्का, गेहूं और सब्जी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। महुआ उत्पादन घटने से ग्रामीणों की आय पर भी असर पड़ा है।
सब्जी और कारोबार पर असर
बारिश के कारण पालक, धनिया जैसी कोमल सब्जियां खराब हो गई हैं और कीटों का खतरा बढ़ गया है। वहीं तरबूज और गन्नारस के कारोबार पर भी असर पड़ा है, जिससे विक्रेताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है।







