बिलासपुर:(सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर (Bilaspur Weather Update) में इस बार अप्रैल का महीना अग्निपरीक्षा जैसा साबित होने वाला है। मौसम विभाग (IMD Warning) के प्रारंभिक रुझान और पिछले एक दशक के आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि इस साल गर्मी के पिछले तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त हो सकते हैं। वातावरण में नमी की कमी और गिरते वायु दबाव ने सूरज की किरणों को और भी तीखा कर दिया है।
पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो बिलासपुर का अधिकतम तापमान लगातार 41 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि साल 2017 में पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो पिछले एक दशक का शिखर है।
इसके बाद 2016, 2019 और 2022 में भी तापमान 44 डिग्री के स्तर को पार कर चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो 2017 का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी टूट सकता है।
बिलासपुर की भौगोलिक स्थिति के कारण अप्रैल यहां गर्मी का सबसे निर्णायक महीना होता है। दक्षिण-पश्चिमी शुष्क हवाओं के सक्रिय होने से दिन के तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी होती है। वर्तमान में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री और न्यूनतम 23.5 डिग्री के आसपास रहने का औसत है, लेकिन इस बार दिन और रात के तापमान का अंतर काफी बढ़ गया है, जिससे ‘लू’ (Heat Wave) का जोखिम बढ़ गया है।
उत्तर भारत से आने वाले पश्चिमी विक्षोभ ही इस भीषण गर्मी में राहत का एकमात्र जरिया बनते हैं। इनकी वजह से कभी-कभी आकाश बादलों से घिर जाता है और गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में एक द्रोणिका प्रणाली सक्रिय है, जिससे अगले 24 घंटों में कुछ स्थानों पर अंधड़ और वज्रपात की आशंका है। हालांकि, यह राहत क्षणिक होती है और विक्षोभ के गुजरते ही गर्मी दोबारा हावी हो जाती है।
वर्तमान में बिलासपुर 39.7 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म बना हुआ है। वहीं माना (रायपुर) में 38.2 डिग्री, जगदलपुर में 36.9 डिग्री और अंबिकापुर में 36.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। पेंड्रारोड 35.4 डिग्री के साथ अपेक्षाकृत कम गर्म है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में और वृद्धि होगी, जो जनजीवन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।









