Home / छत्तीसगढ़ / *बलरामपुर में खौफनाक घटना: मवेशियों ने खाया टमाटर, बेटे ने की पिता की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या*

*बलरामपुर में खौफनाक घटना: मवेशियों ने खाया टमाटर, बेटे ने की पिता की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

अंबिकापुर/बलरामपुर: (सियासत दर्पण न्यूज़) बलरामपुर जिले के कुसमी थाना अंतर्गत ग्राम रातासिली में एक कलयुगी बेटे द्वारा अपने ही पिता की हत्या का मामला प्रकाश में आया है। आर्थिक नुकसान और फसलों की बर्बादी से आक्रोशित पुत्र ने अपने पिता पर लात-घूंसों और डंडे से हमला कर दिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
शराबखोरी और फसल की बर्बादी का विवाद

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी प्रदीप खलखो ने अपने खेत में टमाटर की फसल लगाई थी। फसल की रखवाली का जिम्मा उसने अपने पिता लल्लू खलखो को सौंपा था। 6 अप्रैल को जब प्रदीप खेत पहुंचा, तो उसने देखा कि मवेशियों ने टमाटर की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। जांच में पता चला कि पिता लल्लू खलखो ने दिन भर शराब का सेवन किया था और नशे में होने के कारण उन्होंने फसल की सुरक्षा की ओर ध्यान नहीं दिया।

यह पहली बार नहीं था जब लापरवाही के कारण नुकसान हुआ हो। इससे पहले भी प्रदीप ने चने की फसल लगाई थी, जिसे पिता की अनदेखी के चलते मवेशियों ने चर लिया था। बार-बार हो रहे आर्थिक नुकसान और पिता की शराबखोरी की आदत से प्रदीप बेहद गुस्से में था। 6 अप्रैल की शाम इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ।

गुस्से में आपा खोते हुए प्रदीप ने अपने पिता के साथ लात, मुक्के और डंडे से जमकर मारपीट की। हमले के बाद जब लल्लू खलखो बेहोश हो गए, तो प्रदीप उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय घर के अंदर ले जाकर सुला दिया। शरीर के अंदरूनी हिस्सों, विशेषकर सीने और हाथ-पैर में गंभीर चोट लगने के कारण लल्लू खलखो ने दम तोड़ दिया।

7 अप्रैल को घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। रिपोर्ट में चोटों के कारण हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर प्रदीप खलखो को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर प्रदीप ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया और न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page