Home / छत्तीसगढ़ / *छत्तीसगढ़ पावर प्लांट हादसा: 20 की मौत, 36 गंभीर रूप से झुलसे*

*छत्तीसगढ़ पावर प्लांट हादसा: 20 की मौत, 36 गंभीर रूप से झुलसे*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

रायगढ़। (सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए वेदांता प्लांट हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 4 छत्तीसगढ़ से हैं, बाकी यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से हैं। हादसे में कुल 36 लोग झुलसे हैं, 16 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है।

घटना के 24 घंटे बाद औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हादसे की जांच की। जिसमें प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है।

शुरुआती जांच के मुताबिक, प्रोडक्शन दोगुना करने की जल्दबाजी में बॉयलर फटा। चेतावनी के बाद भी काम नहीं रोका गया, इसके अलावा सिस्टम में खराबी की बात भी कही गई। इसके आधार पर अब FIR दर्ज की जाएगी।

मजिस्ट्रियल जांच भी होगी

औद्योगिक सुरक्षा विभाग के बॉयलर इंस्पेक्टर उज्जवल गुप्ता और उनकी टीम ने बुधवार को लगभग 6 घंटे तक घटना स्थल की जांच की। शाम 8 बजे रिपोर्ट एसपी प्रफुल्ल ठाकुर को सौंपी गई। इस रिपोर्ट के आधार पर अब FIR दर्ज की जाएगी।

अब जानिए शुरूआती जांच में क्या कुछ सामने आया ?

विभाग के अनुसार, हादसा 14 अप्रैल को दोपहर 2:33 बजे हुआ। उस समय 2028 टीपीएच क्षमता वाले विशाल वाटर ट्यूब बॉयलर में फर्नेस प्रेशर (भट्ठी का दबाव) तेजी से बढ़ा। यह दबाव 1 से 2 सेकेंड के अंदर बढ़ा, जिससे सिस्टम को बंद करना या किसी तकनीकी खराबी को रोकना संभव नहीं था।

दबाव इतना तेज था कि अंदरूनी विस्फोट हुआ और इसकी चपेट में बाहरी पाइपलाइन भी आ गई। जांच में सामने आया है कि, 1 घंटे में दोगुना उत्पादन करने के लिए बॉयलर का लोड तेजी से बढ़ाया गया। लोड 350 मेगावाट से बढ़ाकर लगभग 590 मेगावाट किया गया। यह वृद्धि बहुत कम समय में की गई।

इतनी तेजी से लोड बढ़ाने के लिए ईंधन और हवा का अधिक सटीक संतुलन जरुरी था, जिसका ध्यान नहीं रखा गया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि उत्पादन बढ़ाने की इस जल्दबाजी ने पूरे सिस्टम को अस्थिर कर दिया।

इसके साथ ही पीए फैन में बार-बार खराबी, अनबर्न फ्यूल से प्रेशर बनना, पाइपिंग सिस्टम का फेल होना और बेकअप का समय पर काम नहीं करने का भी जिक्र है। कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने भी मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। 30 दिन के अंदर इसकी रिपोर्ट भी मांगी गई है।

इन बिंदुओं पर होगी मजिस्ट्रियल जांच

घटना कब और कैसे हुई
घटना के लिए कौन जिम्मेदार हैं
घटना का तकनीकी या मानवीय क्या कारण है
हादसे वाले दिन कौन-कौन मजदूर कार्यरत थे, किनकी मौत हुई, कौन घायल हुए
प्रशासनिक अधिकारियों ने कब कब प्लांट का निरीक्षण किया, क्या कोई खामियां मिली थी, यदि हां तो क्या कार्रवाई की गई
भविष्य में इस प्रकार की घटना ना हो, इस रोकने के उपाय और सुझाव

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page