नई दिल्ली,, सियासत दर्पण न्यूज़,,पैरामिलिट्री परिवारों, वीरांगनाओं, पूर्व अर्धसैनिकों में संसद में पास काले कानून को लेकर भारी रोष व्याप्त को देखते हुए एक बार फिर से जंतर मंतर पर हल्ला बोलेंगे।
एलायंस ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन महासचिव रणबीर सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के हवाले से कल ही प्रधानमंत्री कार्यालय को सूचित कर दिया गया। दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा सुनाए गए ऐतिहासिक पुरानी पेंशन बहाली आदेश को केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में लटका कर रखने निचले पदों सिपाहियों, हवलदारों, उप निरीक्षकों, इंस्पेक्टर वर्ग में कार्यरत 11 लाख कर्मियों में पदोन्नति को लेकर भारी बैचेनी, जो कि 15- 20 सालों से एक ही रैंक में पड़े हुए हैं। इस काले कानून की वजह से ऐसा लगता है कि अब लाखों सिपाही पुरी सर्विस के दौरान इंस्पेक्टर नहीं बन पाएंगे और यही हाल 13 हजार कैडर अधिकारियों का है जो कमांडेंट नहीं बन पाएंगे, डीआईजी बनना तो सपने जैसा लगता है। अपने को राष्ट्रभक्त कहने वाली सरकार द्वारा पुरानी पेंशन बहाली आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाना इस बात को पक्का यकीन को दर्शाता है कि गृह मंत्रालय को जवानों की पुरानी पेंशन बहाली एवं समयबद्ध पदोन्नति से कोई लेना देना नहीं है। पूर्व एडीजी श्री एचआर सिंह के कहे अनुसार 6 मई को जंतर मंतर से राष्ट्रपति भवन तक शांतिपूर्ण मार्च कर महामहिम को ज्ञापन सौंपेंगे। 13 सालों तक कोर्ट में चली लम्बी जीत के बावजूद संसद में सीएपीएफ जनरल एडमिनिस्ट्रेशन बिल 2026 काले कानून पास होने से हजारों कमान अधिकारियों के भविष्य को बर्बाद कर दिया गया। पांच राज्यों के चुनावों के चलते सैकड़ों जवानों की अपने परिवारों के साथ छुट्टियां का प्रोग्राम गड़बड़ा गया है, एक बार फिर से माननीय गृह मंत्री जी द्वारा 100 दिनों की छुट्टी अपने परिवारों के साथ मनाना एक जुमले जैसा लग रहा है। बार बार माननीय प्रधानमंत्री जी, गृह मंत्री जी महामहिम राष्ट्रपति जी को पूर्व अर्धसैनिकों द्वारा मिलने की गुहार लगाने के बावजूद बुलावा नहीं आया तो अब सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अलावा कोई चारा ही बचा।
रणबीर सिंह
महासचिव








