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*‘बादाम खाइए मैडम, याददाश्त बढ़ेगी’ – बिलासपुर युवक के प्रदर्शन के बाद हाउसिंग बोर्ड में दो अधिकारी हटाए गए*

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बिलासपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (हाउसिंग बोर्ड) में फाइल दबाकर बैठने वाले अधिकारियों पर आयुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। तिफरा अभिलाषा परिसर के एक फ्लैट के नामांतरण की फाइल सालभर से लटकाने के मामले में कार्यपालन अभियंता (ईई) और एक वरिष्ठ सहायक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।

प्रदर्शन के बाद कार्रवाई

यह कार्रवाई तब हुई जब पीड़ित युवक तोरण साहू ने दफ्तर पहुंचकर अधिकारी की टेबल पर बादाम बिखेरा और तंज कसते हुए कहा कि साहब, बादाम खाइए ताकि याददाश्त बढ़े और काम समय पर हो सके। इस अनोखे प्रदर्शन का वीडियो प्रसारित होते ही विभाग में हड़कंप मच गया।

क्या है मामला

मामला तिफरा स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैट क्रमांक 41/483 से जुड़ा है। तोरण साहू ने नामांतरण के लिए 17 मार्च 2025 को आवेदन दिया था। जांच में चौंकाने वाला राजफाश हुआ कि 11 नवंबर 2025 को ही नामांतरण पूर्व सूचना प्रकाशन का पत्र तैयार हो चुका था और उस पर संपदा अधिकारी के हस्ताक्षर भी हो गए थे। जावक शाखा से नंबर (3131) मिलने के बावजूद अधिकारियों ने इस पत्र को हितग्राही को भेजने के बजाय फाइल में ही दबाकर रखा था।

एक साल से अधिक समय तक दफ्तर के चक्कर

एक साल से अधिक समय तक दफ्तर की चौखट घिसने के बाद तोरण साहू ने 17 अप्रैल 2026 को मंडल कार्यालय में अधिकारियों को बादाम भेंट कर उनकी याददाश्त बढ़ाने की नसीहत दी थी। वीडियो के इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होते ही रायपुर मुख्यालय ने संज्ञान लिया। आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने 18 अप्रैल को जांच के बाद प्रभारी संपदा अधिकारी (ईई) एलपी बंजारे और वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे को दोषी पाया। दोनों को तत्काल प्रभाव से उनके मूल पद पर नवा रायपुर स्थित मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है।

डिजिटल युग में भी ‘फाइल सिस्टम’ का खेल

आज के दौर में जब शासन हर सेवा को आनलाइन और पारदर्शी बनाने का दावा कर रहा है, हाउसिंग बोर्ड के बिलासपुर संभाग में अधिकारी महीनों तक हस्ताक्षरित पत्रों को फाइल में दबाकर रखे हुए थे। तोरण साहू का बादाम प्रदर्शन न होता, तो शायद यह पत्र कभी फाइल से बाहर ही नहीं आ पाती। आयुक्त ने आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया है कि पत्र जावक होने के बावजूद हितग्राही को उपलब्ध न कराना गंभीर लापरवाही है।

इंटरनेट मीडिया बना जनता का हथियार

यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि इंटरनेट मीडिया अब सरकारी दफ्तरों की मनमानी के खिलाफ एक सशक्त हथियार बन गया है। हाउसिंग बोर्ड के बिलासपुर कार्यालय की दूरी रायपुर से अधिक होने का लाभ उठाकर अधिकारी अक्सर फाइलों को पेंडिंग रखते थे। लेकिन एक वीडियो ने मंडल के भीतर चल रहे इस लेट-लतीफी के खेल को उजागर कर दिया और उच्चाधिकारियों को तत्काल कड़ा फैसला लेना पड़ा।

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