बालोद:(सियासत दर्पण न्यूज़) जिले के डौंडीलोहारा स्थित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI Balod Accident) में एक गंभीर हादसे के बाद छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आया। शुक्रवार को छात्रों ने आईटीआई के सामने बालोद-डौंडीलोहारा मुख्य मार्ग पर सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
करीब 40 डिग्री तापमान में छात्र सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके बाद ITI मामले में प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया है।
प्रशासन के आश्वासन पर खत्म हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीएम शिवनाथ बघेल ने छात्रों को जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद काफी समझाइश के बाद छात्रों ने जाम समाप्त किया।
प्रशिक्षण के नाम पर मजदूरी कराने का आरोप
छात्रों का आरोप है कि ITI में तकनीकी प्रशिक्षण के बजाय उनसे मजदूरी कराई जा रही है। जानकारी के अनुसार 23 अप्रैल को फिटर ट्रेड के छात्र टोकेश्वर धनगुन (पिता पंचराम धनगुन) से नियमों के विरुद्ध मिक्सर मशीन से काम कराया जा रहा था। इसी दौरान हादसा हुआ, जिसमें उसके एक हाथ की दो और दूसरे हाथ की तीन उंगलियां कट गईं।
निर्माण कार्य में लगाए जा रहे थे छात्र
बताया गया कि संस्थान परिसर में बाथरूम निर्माण, प्लास्टर और ईंट जोड़ने जैसे कार्य छात्रों से कराए जा रहे थे, जो उनके पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं। हादसे के समय टोकेश्वर ईंट ढुलाई में लगा था, तभी संतुलन बिगड़ने से उसका हाथ मशीन में फंस गया और गंभीर चोट आई। अन्य छात्रों ने उसे तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से उसे गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया।
ABVP ने उठाए सवाल, ज्ञापन सौंपा
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इस मामले में एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि संस्थान में छात्रों से जोखिम भरे कार्य कराए जा रहे हैं। संगठन ने यह भी कहा कि संबंधित शिक्षक का व्यवहार अनुचित है और छात्रों को अनुशासन के नाम पर प्रताड़ित किया जाता है।
प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
छात्रों ने प्राचार्य राजेश कुर्रे के नेतृत्व में शोषण का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पढ़ाई के बजाय उन्हें श्रम कार्यों में लगाया जा रहा है। वहीं प्राचार्य का कहना है कि मजदूरों की तलाश की जा रही थी और उसी दौरान यह हादसा हुआ।
छात्रों और संगठनों की प्रमुख मांगें
छात्रों और संगठनों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, घायल छात्र के इलाज और मुआवजे, शिक्षक के व्यवहार की जांच तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।







