बिलासपुर। प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार सुबह कार्रवाई करते हुए सराफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के ठिकानों पर छापा मारा। तड़के करीब 10 से अधिक अधिकारियों की टीम ने उनके निवास और श्रीराम ज्वेलर्स पर एक साथ दबिश देने पहुंची। ईडी की टीम शराब घोटाले से जुडे दस्तावेज व अन्य दस्तावेज खंगाल रही है। ईडी के छापे से व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है और वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही हैं।
राज्य में हुए शराब घोटाले सराफा कारोबारी विकास अग्रवाल से तार जुड़े की संभावना है। ईडी की टीम अब सराफा कारोबारी का शराब घोटाले में जुडे तार खंगालने के लिए दबिश दी है।
विकास अग्रवाल लंबे समय से फरार है और उसे सिंडिकेट का अहम सदस्य माना जाता है, जांच एजेंसी को संदेह है कि घोटाले की अवैध राशि का निवेश ज्वेलरी फर्म और अन्य संपत्तियों में किया गया हैं।
सदर बाजार स्थित श्रीराम ज्वेलर्स में टीम लेन-देन के रिकार्ड और निवेश से जुड़े कागजातों की जांच कर रही हैं। 2000 करोड़ रुपये के बहुचर्चित शराब घोटाले में विकास की भूमिका की जांच के दौरान उनके भाई विवेक अग्रवाल का नाम सामने आया है। फिलहाल अधिकारियों द्वारा पूछताछ जारी है और कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।
दस्तावेजों की चल रही पड़ताल
प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी विवेक अग्रवाल के घर और शोरूम में उपलब्ध स्टाक और पिछले कुछ वर्षों के क्रय-विक्रय रिकार्ड का मिलान कर रहे हैं। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या शराब घोटाले की बेनामी संपत्ति का उपयोग सोने की खरीद-फरोख्त में किया गया है।
फरार आरोपित से जुड़े तार
शराब घोटाले में आरोपित विकास अग्रवाल को सिंडिकेट का महत्वपूर्ण सदस्य बताया जा रहा है, जिसके दुबई में छिपे होने की आशंका है। उसके फरार होने के बाद से ही केंद्रीय एजेंसियां उसके करीबियों और पारिवारिक सदस्यों के वित्तीय लेन-देन पर नजर रखे हुए थीं, जिसके बाद गुरुवार को छापामार कार्रवाई की गई हैं।








