गणेश तिवारी की रिपोर्ट
रुद्र सेना और अखिल भारतीय हिन्दू परिषद ने आजाद चौक थाने में सौंपा ज्ञापन
रायपुर,सियासत दर्पण न्यूज़। रायपुर में सनातन धर्म के कथित अपमान को लेकर राजनीतिक और धार्मिक माहौल गरमा गया है। धर्म स्तंभ काउंसिल के अंतर्गत रुद्र सेना एवं अखिल भारतीय हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों और संत समाज ने तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन के बयान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राजधानी रायपुर के आजाद चौक थाना पहुंचकर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सनातन विरोधी बयान पर भड़का संत समाज, कहा- यह आस्था पर सीधा हमला
प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडे बोले- जनता अब अपमान का जवाब देगी
रुद्र सेना एवं अखिल भारतीय हिन्दू परिषद के प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडे ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से करना करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का घोर अपमान है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म को समाप्त करने की बात कहना लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि यह बयान केवल सनातन धर्म ही नहीं बल्कि देश की सामाजिक समरसता और धार्मिक सौहार्द पर भी सीधा प्रहार है। यदि ऐसे बयानों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो देश में सामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
ज्ञापन में संविधान का हवाला, कहा- धर्म विरोधी बयान संविधान की भावना के विपरीत
संगठनों ने कहा- धार्मिक वैमनस्य फैलाने वालों पर हो सख्त कार्रवाई
ज्ञापन में कहा गया कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म के पालन, संरक्षण और सम्मान का अधिकार देता है। संविधान की मूल भावना सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान और धार्मिक निष्पक्षता पर आधारित है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि किसी प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति द्वारा किसी धर्म विशेष के खिलाफ घृणास्पद टिप्पणी करना संविधान की आत्मा के विपरीत है।
ज्ञापन में मांग की गई कि उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने, वैमनस्य फैलाने और सामाजिक शांति भंग करने से संबंधित धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए तथा मामले की प्रतिलिपि उच्च अधिकारियों और राज्य शासन को भी भेजी जाए।
“अब जेल तय है”, रुद्र सेना ने कानूनी लड़ाई का किया ऐलान
11 लाख रुपये इनाम और “सनातन रत्न” उपाधि देने की घोषणा

धर्म कॉन्सिल के ड्रा सौरभ निर्वानी ने कहा कि जो भी वकील या कानूनी टीम उदयनिधि स्टालिन को कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल तक पहुंचाने में सफल होगी, उसे धर्म काउंसिल की ओर से 11 लाख रुपये नगद पुरस्कार और “सनातन रत्न” की उपाधि दी जाएगी।
संगठन ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई पूरी तरह कानूनी और संवैधानिक दायरे में लड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा कि वे हिंसा में विश्वास नहीं रखते, लेकिन सनातन धर्म के सम्मान की रक्षा के लिए हर संवैधानिक कदम उठाया जाएगा। इसके साथ ही “सनातन रक्षक फंड” बनाने की भी घोषणा की गई, जिसके माध्यम से देशभर में सनातन विरोधी बयानों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
संतों और कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी, युवाओं से डिजिटल अभियान की अपील
रायपुर से उठी आवाज, कहा- सनातन के अपमान को नहीं किया जाएगा बर्दाश्त
आजाद चौक थाना पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में आलोक पांडे, महंत योगेश गिरी, महंत नर्मदा दास, महंत लक्ष्मण दास, सेवक वासुदेव वैष्णव, संत राम कीर्तन दास, मंडलेश्वर कृष्ण बिहारी दास और सौरभ सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और संत समाज के लोग मौजूद रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि सनातन धर्म का अपमान करने वालों के खिलाफ देशभर में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
संगठन ने युवाओं से सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अभियान चलाने की अपील करते हुए कहा कि जो व्यक्ति सबसे प्रभावी कानूनी और तार्किक प्रस्तुति देगा, उसे विशेष सम्मान दिया जाएगा।
रुद्र सेना ने कहा कि “आस्था से खिलवाड़ अब भारी पड़ेगा” और “सनातन के अपमान करने वालों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।”






