बिलासपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) कोनी थाना अंतर्गत ग्राम ग़तोरी स्थित वृंदावन ग्रीन फ़ार्म हाउस में चल रहे हाईप्रोफाइल जुआ फड़ पर पुलिस ने बीती रात बड़ी कार्रवाई की है। सीएसपी सिविल लाइन और एसडीओपी कोटा (SDOP Kota) के संयुक्त नेतृत्व में दी गई दबिश के दौरान पुलिस ने फ़ार्म हाउस के मालिक मनीष शर्मा समेत कुल 8 आरोपियों को रंगे हाथों जुआ खेलते हुए दबोचा है। पुलिस ने सभी आरोपियों के ख़िलाफ़ ग़ैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया है।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि ग़तोरी के वृंदावन ग्रीन फ़ार्म हाउस में बिलासपुर और आसपास के रसूखदार जुआड़ियों का जमावड़ा लगा हुआ है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी सिविल लाइन और एसडीओपी कोटा ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए फ़ार्म हाउस को चारों तरफ से घेरकर अचानक छापा मारा। पुलिस की इस अचानक दबिश से जुआ फड़ पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन घेराबंदी के कारण कोई भी भागने में कामयाब नहीं हो सका।
फ़ार्म हाउस मालिक समेत ये आरोपी हुए गिरफ़्तार
पुलिस ने मौके से फ़ार्म हाउस के मालिक मनीष शर्मा समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके नाम इस प्रकार हैं:
मनीष शर्मा (उम्र 42 साल), निवासी- विद्या नगर, थाना तारबहार (फ़ार्म हाउस मालिक)
नीरज शर्मा (उम्र 42 साल), निवासी- विद्या नगर, थाना तारबहार
रोशन सिंह (उम्र 38 साल), निवासी- ओमनगर, थाना सिविल लाइंस, बिलासपुर
मुन्ना गोयल, निवासी- राजीव गांधी चौक, थाना सिविल लाइंस
विकास सिंह, निवासी- दीनदयाल कॉलोनी, मंगला
दीपक अग्रवाल (उम्र 37 साल), निवासी- रामा लाइफ सिटी, सकरी
चंद्रकिशन अग्रवाल, निवासी- तखतपुर, बिलासपुर
मयंक सोनकर (उम्र 20 साल), निवासी- नया बस स्टैंड, तिफरा
लाखों की नकदी और गाड़ियां ज़ब्त
पुलिस ने जुआ फड़ और आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सामान और नकदी बरामद की है। ज़ब्त की गई सामग्रियों का विवरण इस प्रकार है:
नगद राशि: ₹3,80,000/- (तीन लाख अस्सी हजार रुपये)
मोबाइल फोन: 11 नग
चार पहिया वाहन: 05 लग्जरी गाड़ियां
कुल जुमला क़ीमती: लगभग ₹40,00,000/- (चालिस लाख रुपये)
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्र में किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों और जुआ-सट्टा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त और गैर-जमानती धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर लगाम कसी जा सके।








