बिलासपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) अनजाने में या परिस्थितियों के वश होकर अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले नाबालिगों (चाइल्ड इन कन्फ्लिक्ट विद ला) को सही राह पर लाने के लिए बिलासपुर पुलिस एक बेहद सराहनीय और संवेदनशील पहल करने जा रही है। शहर के सिविल लाइन थाना परिसर में ‘आओ संवारे कल अपना’ थीम के तहत ऐसे बच्चों के लिए एक सर्वसुविधायुक्त स्पेशल काउंसलिंग सेंटर (विशेष कमरे) की स्थापना की शुरुआत हो गई है।
इस विशेष केंद्र का निर्माण जील मैटेलिक्स प्राइवेट लिमिटेड के कार्पोरेट सोशल रिस्पान्सिबिलिटी मद से किया जाएगा। यहां अपराध के रास्ते पर भटके बच्चों को न सिर्फ सुरक्षित माहौल में रखा जाएगा, बल्कि विशेषज्ञ काउंसलर्स के माध्यम से उनका ‘डायवर्सन टेक’ (हृदय परिवर्तन) कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।बाक्सकाउंसिलिंग के साथ खेलकूद और रोल माडल से मिलेगी प्रेरणापुलिस प्रशासन के अनुसार, इस विशेष केंद्र में केवल उन्हीं बच्चों (सीसीएल) को लाया जाएगा जो किसी अपराध में संलिप्त हो जाते हैं या कानूनी पचड़े में फंस जाते हैं।
यहां उनके साथ किसी अपराधी की तरह बर्ताव नहीं होगा, बल्कि एक सकारात्मक माहौल दिया जाएगा।0.गलत रास्ते के दुष्परिणाम: बच्चों की नियमित काउंसलिंग कर उन्हें अपराध के भयानक दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया जाएगा।
सकारात्मक उदाहरण: जिन बच्चों ने काउंसलिंग के बाद अपराध का रास्ता छोड़कर सही राह चुनी और जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं, उनके उदाहरण देकर इन बच्चों को प्रेरित किया जाएगा।
तनाव मुक्त माहौल: बच्चों के मानसिक विकास और उन्हें तनाव मुक्त रखने के लिए केंद्र में खेलकूद की विशेष व्यवस्था की जाएगी और खेल सामग्रियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
जील मैटेलिक्स के संचालक नितिन ने उठाई जिम्मेदारी
इस संवेदनशील प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए जील मैटेलिक्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालक नितिन अग्रवाल आगे आए हैं। उन्होंने बताया कि सिविल लाइन थाना परिसर में स्थित एक जर्जर पुराने भवन को तोड़कर उसकी जगह 1200 वर्ग फीट में इस नए विशेष भवन का निर्माण किया जा रहा है। तोड़ने का काम शुरू हो चुका है। यहां बालक और बालिकाओं दोनों के लिए अलग-अलग व्यवस्था के साथ सर्वसुविधायुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
पहले भी पुलिस प्रशासन और जनता के लिए कर चुके हैं सहयोग
जील मैटेलिक्स के संचालक नितिन अग्रवाल का सामाजिक सरोकार और पुलिस प्रशासन को सहयोग करने का पुराना रिकार्ड रहा है। इससे पहले भी वे सीएसआर मद से कई बड़े जनहित के काम कर चुके हैं।
1. 2016 में दीं 35 स्कूटी: वर्ष 2016 में हीरो एजेंसी संचालक के रूप में उन्होंने शहर की महिला पुलिस और पेट्रोलिंग टीम की सुविधा के लिए सीएसआर मद से 35 स्कूटी उपलब्ध कराई थीं।
2. ट्रैफिक पार्क के लिए एमओयू: लगरा में बने जिला ट्रैफिक एजुकेशन पार्क के जर्जर होने पर नितिन अग्रवाल ने उसके जीर्णोद्धार और रखरखाव के लिए पुलिस विभाग के साथ पांच साल का एमओयू (एमओयू) किया था, जिस पर उन्होंने लाखों खर्च किए।
इस विशेष केंद्र के निर्माण का मुख्य उद्देश्य बच्चों को थानों के लाकअप या पुलिसिया खौफ से दूर रखकर एक मित्रवत माहौल देना है। काउंसलिंग के जरिए जब इन बच्चों के मन से अपराध का विचार खत्म होगा, तो वे देश के जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे। पूर्व में सुधरे बच्चों की सफलता की कहानियों को यहां रोल माडल की तरह इस्तेमाल किया जाएगा। रजनेश सिंह, एसपी, बिलासपुर।






