रायपुर,, सियासत दर्पण न्यूज़,,नगरीय निकायों में पहले से ही 1100 एवं कलेक्टर शिकायत नंबर (99772 22574) जैसी व्यवस्थाएँ संचालित हैं। इसके साथ ही प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले सुशासन तिहार के माध्यम से भी आमजन अपनी समस्याएँ शासन-प्रशासन तक पहुँचाते हैं।
किन्तु जमीनी हकीकत यह है कि इन सभी माध्यमों के बावजूद आम जनता की समस्याओं का संतोषजनक एवं समयबद्ध निराकरण नहीं हो पा रहा है। शिकायतें दर्ज तो होती हैं, परन्तु उनका समाधान अधूरा रह जाता है या लंबित पड़ा रहता है, जिससे आमजन में निराशा का माहौल बनता जा रहा है।
ऐसी स्थिति में 9 जून को मुख्यमंत्री शिकायत समाधान – 1076 के शुभारंभ की घोषणा की गई है। यह पहल स्वागतयोग्य हो सकती है, किन्तु बड़ा प्रश्न यह है कि जब पूर्व से संचालित व्यवस्थाएँ ही प्रभावी नहीं हो सकीं, तो क्या मात्र एक नया हेल्पलाइन नंबर जोड़ देने से समस्याओं का वास्तविक समाधान हो पाएगा?
जनता को नए-नए नंबरों की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान व्यवस्था की आवश्यकता है। यदि पूर्व में संचालित प्रणालियों की कमियों का निराकरण नहीं किया गया, तो यह नई पहल भी केवल एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी।
शासन-प्रशासन से अपेक्षा है कि:
वर्तमान शिकायत निवारण प्रणालियों की गहन समीक्षा एवं सुधार किया जाए।
संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की स्पष्ट जवाबदेही निर्धारित की जाए।
शिकायतों के समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण को सुनिश्चित किया जाए।
तभी आम जनता को वास्तविक राहत मिल सकेगी, अन्यथा यह पहल भी केवल घोषणाओं तक सीमित रह जाएगी।
