अंबिकापुर :(सियासत दर्पण न्यूज़) सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र की तीन युवतियां प्लेसमेंट के नाम पर चेन्नई पहुंचने के बाद वहां फंस गईं। युवतियों ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उन्हें घर लौटने नहीं दिया जा रहा और वापसी के लिए 10-10 हजार रुपये जमा करने की शर्त रखी जा रही है। मामले की जानकारी मिलते ही सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने तत्काल पहल की। प्रशासन की मदद से दोपहर 12.30 बजे तीनों युवतियों को वहां से सुरक्षित निकाल लिया गया। युवतियां शाम पौने चार बजे की ट्रेन से छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगी।
जानकारी के अनुसार सीतापुर क्षेत्र के ग्राम भरतपुर बेलजोरा निवासी प्रतिमा, राधा और जगेश्वरी ने जशपुर में तीन महीने की सिलाई की ट्रेनिंग ली थी। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें बताया गया था कि चेन्नई में प्लेसमेंट मिलेगा। यह भी भरोसा दिलाया गया था कि अगर काम पसंद नहीं आए तो वे वापस घर लौट सकती हैं। इसी भरोसे पर तीनों युवतियां चेन्नई जाने के लिए तैयार हुई थीं। युवतियों ने वीडियो में बताया कि उन्हें दो युवती और एक युवक चेन्नई ले गए थे। जिस कंपनी में काम पर रखा गया, वहां से अब वापस नहीं लौटने दिया जा रहा।
युवतियों का आरोप है कि चेन्नई छोड़ने वाले लोग अब फोन भी नहीं उठा रहे। जब उन्होंने घर लौटने की इच्छा जताई तो पहले कुछ दिन बाद ले जाने का आश्वासन दिया गया। बाद में कहा गया कि घर जाने के लिए हर युवती को 10-10 हजार रुपये जमा करने होंगे। युवतियों ने बताया कि उन्होंने ट्रेन की टिकट तक बुक करा ली थी, लेकिन उन्हें निकलने नहीं दिया जा रहा था। इसके बाद तीनों ने वीडियो के माध्यम से प्रशासन और स्वजन से मदद की अपील की।
युवतियों का वीडियो स्वजन के माध्यम से सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो को मिला। विधायक ने तत्काल सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल से बात कर तीनों की सकुशल वापसी के लिए पहल करने को कहा। प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से तीनों युवतियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
विधायक रामकुमार टोप्पो ने वीडियो कॉल पर युवतियों से बात की। ट्रेन के बारे में पूछने पर युवतियों ने बताया कि शाम पौने चार बजे उनकी ट्रेन है। विधायक ने उन्हें रास्ते के लिए पैसे भी भिजवाने की बात कही और कहा कि रास्ते में संपर्क में रहें। जरूरत पड़ने पर कॉल कर लें।
विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि युवतियां बहुत जल्द छत्तीसगढ़ पहुंच जाएंगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि कभी भी रोजगार या अन्य काम से बाहर जाएं तो परिजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधि के पास अपना और वहां का संपर्क नंबर जरूर छोड़कर जाएं। ताकि आपात स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाई जा सके।






