Home / छत्तीसगढ़ / *वन विभाग की बड़ी कार्रवाई : दो बाघ की खाल के साथ दो तस्कर गिरफ्तार*

*वन विभाग की बड़ी कार्रवाई : दो बाघ की खाल के साथ दो तस्कर गिरफ्तार*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

सीमावर्ती क्षेत्र में संयुक्त अभियान की सफलता, न्यायालय ने भेजा न्यायिक हिरासत में’

रायपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के निर्देशन में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग की संयुक्त टीम ने दो बाघों की खाल के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कांकेर जिले के पश्चिम भानुप्रतापपुर स्थित बांदे परिक्षेत्र में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर गोपनीय सूचना के आधार पर की गई।

वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के निवासी ब्येश्वर और बाबूराव के रूप में हुई है। दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से अनुसूची-1 में शामिल संरक्षित वन्यजीव बाघ की दो खालों की अवैध तस्करी कर रहे थे। संयुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।

इस कार्रवाई में वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) के उत्तरी एवं मध्य क्षेत्र, राज्य उड़नदस्ता दल (छत्तीसगढ़ वन विभाग), एंटी पोचिंग यूनिट (यूएसटीआर) तथा स्थानीय वन अमले ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है तथा जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किए जाने की संभावना है।

वन्यजीव संरक्षण के प्रति सरकार की सख्ती

छत्तीसगढ़ सरकार वन्यजीव संरक्षण और वन्यजीव की अवैध तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। वन विभाग द्वारा विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित निगरानी और संयुक्त अभियान संचालित किए जा रहे हैं, जिससे वन्यजीवों के संरक्षण को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वन विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page