रायपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ भाजपा में इन दिनों संगठन स्तर पर बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नवीन की नई टीम का खाका लगभग तैयार हो चुका है। दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ हुई मैराथन बैठक के बाद, केंद्रीय नेतृत्व ने नई कार्यकारिणी के नामों पर लगभग मुहर लगा दी है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि कभी भी इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो आगामी विधानसभा चुनावों वाले राज्यों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को केंद्रीय संगठन में विशेष अहमियत मिलने की प्रबल संभावना है।
नितिन नवीन का पुराना जुड़ाव है प्रदेश से
प्रदेश के नेताओं के साथ नितिन नवीन का पुराना और करीबी जुड़ाव रहा है, जिसके चलते नई टीम में छत्तीसगढ़ से किसी एक कद्दावर नेता को महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर नवाजा जा सकता है। इसके अलावा, उपाध्यक्ष या राष्ट्रीय मंत्री के पद पर भी प्रदेश के किसी चेहरे को जगह मिलना तय माना जा रहा है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दौड़ में शामिल नामों को लेकर भाजपा गलियारों में चर्चा जोरों पर हैं।
दोनों उपमुख्यमंत्रियों का नाम चर्चा में
प्रमुख दावेदारों में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव का नाम सबसे ऊपर है। इसके अतिरिक्त, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा को उपाध्यक्ष बनाने की चर्चा है। वहीं, राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडेय, महासमुंद की सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक गोमती साय, सुशांत सिंह और सौरभ सिंह को अहम पद दिया जा सकता है या फिर कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शामिल किया जा सकता हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि राष्ट्रीय टीम के गठन के साथ ही राज्य स्तर पर साय सरकार के मंत्रिमंडल का भी पुनर्गठन संभव है, जिसमें नए चेहरों को तवज्जो देकर ”परफार्मेंस” पर जोर दिया जा सकता है।
परंपरा को मिलेगी मजबूती
छत्तीसगढ़ के गठन के बाद से ही भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में राज्य का कद लगातार बढ़ता रहा है। सरोज पांडेय और रामविचार नेताम जैसे दिग्गज राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, वहीं करुणा शुक्ला राष्ट्रीय महिला मोर्चा की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष जैसे अहम पदों पर रहीं। वर्तमान में सरोज पांडेय और लता उसेंडी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, जबकि धरमलाल कौशिक व अजय चंद्राकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैं। इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी छत्तीसगढ़ के नेताओं को जगह मिलना तय माना जा रहा है।
नया प्रभारी भी तय करेगा समीकरण
नितिन नवीन अब तक छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी की भूमिका बखूबी निभा रहे थे। अब जब वे राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर अपनी नई टीम का गठन करेंगे, तो छत्तीसगढ़ को एक नया प्रदेश प्रभारी भी मिलना तय है। साथ ही, चर्चा है कि इस बार प्रदेश के किसी युवा नेता को ”राष्ट्रीय सह-मीडिया प्रभारी” जैसी अहम जिम्मेदारी देकर भविष्य की लीडरशिप तैयार करने पर भी पार्टी दांव लगा सकती है।
कुछ नेता होते हैं पदेन सदस्य
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रदेश के कुछ प्रमुख नेता पदेन स्थायी आमंत्रित सदस्य होते हैं। भाजपा के संगठनात्मक नियमों के अनुसार इनमें प्रदेश संगठन मंत्री, क्षेत्रीय संगठन मंत्री, मुख्यमंत्री , पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शामिल हैं।






