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*हसदेव में बढ़ा जलस्तर, किनारे के इलाकों में खतरा*

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कोरबा:(सियासत दर्पण न्यूज़)  मानसून की सक्रियता के साथ ही कोरबा जिले सहित पूरे सरगुजा व बिलासपुर संभाग में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। पिछले तीन दिनों से लगातार जारी मूसलाधार मानसूनी वर्षा के कारण जिले के नदी-नाले पूरी तरह उफान पर आ गए हैं।

इसी कड़ी में दर्री मुख्य बांध में सहायक तान नदी से हो रही पानी की भारी आवक को नियंत्रित करने के लिए सिंचाई विभाग ने बांध के 4 नंबर गेट को खोल दिया है। गेट खुलते ही हसदेव नदी में जल का भारी प्रवाह शुरू हो गया है, जिसके चलते नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम डीआरएफ ने हसदेव नदी के निचले तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए विधिक रूप से हाई अलर्ट करते हुए सतर्क कर दिया है।

भू-अभिलेख और मौसम विभाग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कोरबा जिले में 1 जून से लेकर 7 जुलाई 2026 की स्थिति में अब तक औसतन 260.48 मिलीमीटर वास्तविक वर्षा दर्ज की जा चुकी है।

खेत-खलिहान जलमग्न, जोताई शुरू

बांगो बांध के कैचमेंट एरिया में लगातार बढ़ रहा पानी इस लगातार हो रही मानसूनी बारिश से ग्रामीण अंचलों के खेत-खलिहान पूरी तरह पानी से भर गए हैं। पानी भराव के कारण किसानों ने खरीफ फसल के लिए खेतों की जोताई का काम युद्धस्तर पर तेज कर दिया है, हालांकि धान की बोआई की विधिक प्रक्रिया शुरू करने के लिए किसान अब बारिश के थोड़ा थमने का इंतजार कर रहे हैं।

दूसरी ओर, कोरबा की जीवनदायिनी कहे जाने वाले मिनीमाता बांगो बांध के डूबान और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों विशेषकर कोरिया और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों में हो रही भारी बारिश के कारण बांध के जलस्तर में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की जा रही है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त विधिक आंकड़ों के अनुसार, बांगो बांध में जहां १ जून २०२६ की स्थिति में मात्र 51.23 पानी शेष था, वहीं ऊपरी जलभराव के कारण वर्तमान में बांध का जलस्तर तेजी से उछलकर 60.40 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

जलभराव और बाढ़ नियंत्रण के 3 मुख्य विधिक व प्रशासनिक बिंदु:तटीय बस्तियों में मुनादी: जिला प्रशासन ने दर्री और हसदेव नदी के डाउनस्ट्रीम में आने वाली सभी तटीय बस्तियों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी (लाउडस्पीकर घोषणा) करा दी है, ताकि जलस्तर बढ़ने पर जान-माल नुकसान न हो।

जल संसाधन के मुख्य कार्यपालन अभियंता एलएन साय ने बताया कि दर्री बांध के में जल भराव को नियंत्रण करने के लिए चार नंबर गेट को चार फीट खोला गया है। हसदेव नदी में में जल प्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए तटवासियों को सुरक्षित स्थान में जाने के लिए कहा गया है।

 

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