Home / राजधानी / *महादेव सट्टा केस: सौरभ चंद्राकर ओमान में पकड़ा गया*

*महादेव सट्टा केस: सौरभ चंद्राकर ओमान में पकड़ा गया*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

रायपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़)  करीब 6,000 करोड़ रुपये के चर्चित महादेव ऑनलाइन बेटिंग (Mahadev Satta App) सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर (Sourabh Chandrakar) को ओमान में हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। भारतीय एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, इंटरपोल द्वारा जारी नोटिस के आधार पर ओमान की रॉयल पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

अब भारत सरकार ने उसके प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया तेज कर दी है। भारत और ओमान के बीच प्रत्यर्पण संधि होने के कारण एजेंसियों को उम्मीद है कि चंद्राकर को जल्द भारत लाया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर की आखिरी लोकेशन संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में थी। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि वह दक्षिण-पूर्व एशिया के किसी देश से प्राप्त फर्जी पासपोर्ट के जरिए ओमान पहुंचा था। भारतीय एजेंसियां इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि और दस्तावेज जुटा रही हैं।

दुबई से बेटिंग नेटवर्क खड़ा किया

सौरभ चंद्राकर वर्ष 2019 से फरार है। उसने अपने सहयोगी रवि उप्पल के साथ मिलकर दुबई से महादेव ऑनलाइन बेटिंग (Mahadev Betting App) नेटवर्क खड़ा किया था। यह नेटवर्क क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन, पोकर, कार्ड गेम और चुनावी परिणामों तक पर अवैध सट्टा संचालित करने के आरोपों में जांच के दायरे में है।

इससे पहले वर्ष 2024 में भी यूएई में इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर चंद्राकर को हिरासत में लिया गया था। उस समय भारत ने उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध भेजा था, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और बाद में उसे रिहा कर दिया गया था। वहीं उसके सहयोगी रवि उप्पल के भी यूएई से फरार होने की जानकारी सामने आई थी।

महादेव ऐप मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और छत्तीसगढ़ पुलिस सहित कई एजेंसियां कर रही हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में से एक है।

3500 से अधिक कर्मचारियों को रखा गया था

ईडी अपनी चार्जशीट में दावा कर चुकी है कि महादेव नेटवर्क देशभर के विभिन्न शहरों में करीब 3,200 बेटिंग पैनलों के जरिए संचालित होता था और इससे प्रतिदिन लगभग 240 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार होता था। जांच में यह भी सामने आया है कि दुबई में नेटवर्क के संचालन के लिए लगभग 20 विला किराये पर लेकर 3,500 से अधिक कर्मचारियों को रखा गया था।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई कारोबारी, पुलिस अधिकारी, नौकरशाह और राजनीतिक हस्तियां भी जांच के दायरे में हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी ईडी की जांच में आरोपी के रूप में शामिल किया गया है। हालांकि, इस मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय में लंबित है।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page