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*व्यावसायिक प्रशिक्षकों की नौकरी पर संकट*

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रायपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) समग्र शिक्षा योजना के तहत छत्तीसगढ़ में साल 2014-15 से व्यावसायिक शिक्षा का संचालन हो रहा है। इसमें काम कर रहे व्यावसायिक प्रशिक्षकों का कहना है कि, नए सत्र में री-टेंडरिंग की प्रक्रिया के कारण उनकी नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है।

शिक्षकों ने बताया कि, अगर प्रशिक्षण प्रदाता (वीटीपी) बदलता है तो वर्षों से काम कर रहे प्रशिक्षकों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इतना ही नहीं उनकी पिछले सत्र की दो महीने की सैलरी भी नहीं दी गई। गवर्नमेंट और अधिकारियों से फरियाद लगाने के बाद शिक्षकों ने PCC प्रेसिडेंट दीपक बैज से मुलाकात कर पूरे मामले पर आवाज उठाने की मांग रखे।

ये शिक्षक कई बार अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा दे रहे थे। अचानक सेवा समाप्त होने से उनकी आजीविका प्रभावित हुई है।

शिक्षकों ने आरोप लगाया कि, निजी कंपनी की ओर उन्हें दो महीने का वेतन भी अब तक नहीं मिला है। शिक्षकों का आरोप है कि पहले मौखिक रूप से बताया गया था कि उनकी नौकरी आगे बढ़ाई जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब स्थिति यह है कि स्कूलों के प्राचार्य उन्हें लगातार पढ़ाने के लिए बुला रहे हैं, लेकिन एजेंसी की ओर से स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं।

शिक्षकों का कहना है कि, एजेंसी ने उन्हें कहा है कि स्कूल जाना या नहीं जाना उनकी अपनी इच्छा है, लेकिन इसके लिए उन्हें कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। वहीं, कई बार समग्र शिक्षा कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला।

प्रशिक्षकों की प्रमुख समस्याएं

री-टेंडरिंग के कारण नौकरी जाने की आशंका।
करीब 10 साल से कार्यरत 121 प्रशिक्षकों का मानदेय 23 हजार रुपए से घटाकर 20 हजार रुपए कर दिया गया।
नए और 121 स्थानांतरित प्रशिक्षकों को मई और जून का वेतन नहीं मिला, जबकि उनका कहना है कि उन्होंने इस अवधि में भी विभागीय कार्य किए।
प्रशिक्षकों का दावा है कि पीएबी रिपोर्ट में 121 प्रशिक्षकों का मानदेय 23 हजार रुपए स्वीकृत है, लेकिन इसका लाभ नहीं दिया जा रहा।
उनका यह भी कहना है कि पिछले सत्र में घोषित मानदेय वृद्धि का लाभ भी उन्हें नहीं मिला।

प्रशिक्षकों की मांग

वीटीपी बदलने पर भी सभी वर्तमान प्रशिक्षकों की सेवाएं जारी रखी जाएं।
नए और 121 स्थानांतरित प्रशिक्षकों को मई और जून का पूरा वेतन दिया जाए।
121 प्रशिक्षकों का 23 हजार रुपए मानदेय बहाल किया जाए।
पीएबी के अनुसार स्वीकृत मानदेय और अन्य लाभ दिए जाएं।
सभी व्यावसायिक प्रशिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए।

दीपक बैज बोले- आवाज उठाएंगे

व्यावसायिक प्रशिक्षकों की मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज से ने कहा- सरकार रोजगार नहीं दे रही है। और जिनके पास नौकरी है, उन्हें नौकरी से निकालने का काम हो रहा है। पूरे मामले को लेकर वो शिक्षकों का पक्ष रखेंगे।

उन्होंने बताया NSUI ने पूरे मामले पर समग्र शिक्षा कार्यालय का घेराव किया। लेकिन मांग सुनी गई। हमारी टीम बातचीत करेगी, चीजें सुधरी नहीं तो शिक्षकों और छात्रों के हित में आंदोलन किया जाएगा।

समग्र शिक्षा का जवाब- एक शैक्षणिक सत्र के लिए ही की गई थी भर्ती

इस पूरे मामले पर समग्र शिक्षा की आयुक्त किरण कौशल ने कहा कि ये शिक्षक सीधे तौर पर समग्र शिक्षा के कर्मचारी नहीं हैं। उनकी नियुक्ति निजी एजेंसी के माध्यम से हुई थी। जो केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए ही थी और यह बात पहले से स्पष्ट की गई।

उन्होंने कहा कि यदि एजेंसी की ओर से किसी शिक्षक का वेतन रोका गया है, तो उसका समाधान किया जाएगा और बकाया वेतन दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी। साथ ही बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों के एक्सटेंशन को लेकर शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। नया टेंडर भी जारी किया गया है और नई एजेंसी चाहे तो इन्हीं शिक्षकों को दोबारा नियुक्त कर सकती है।

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