Home / राजधानी / *छत्तीसगढ़ में 40 लाख से ज्यादा वाहन बिना बीमा*

*छत्तीसगढ़ में 40 लाख से ज्यादा वाहन बिना बीमा*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

रायपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ में पंजीकृत करीब 96 लाख वाहनों में से 40 लाख से अधिक वाहन बिना बीमा के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या यानी 10 लाख से ज्यादा केवल दोपहिया वाहनों की है।

बीमा अवधि समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में वाहन मालिक उसका नवीनीकरण नहीं कराते, जिससे दुर्घटना की स्थिति में उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।

राष्ट्रीय वाहन डेटाबेस के अनुसार, देशभर में करीब 16.5 करोड़ वाहन बिना बीमा के संचालित हो रहे हैं, जो कुल पंजीकृत वाहनों का लगभग 44 से 54 प्रतिशत है।

बिक्री के लिए चार वर्ष का बीमा पैकेज अनिवार्य

इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने नई गाड़ियों की बिक्री के लिए चार वर्ष का बीमा पैकेज अनिवार्य किया है। इसके तहत पहले वर्ष फर्स्ट पार्टी और अगले तीन वर्षों का थर्ड पार्टी बीमा शामिल रहता है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश वाहन मालिक खरीदी के समय तो बीमा करा लेते हैं, लेकिन अवधि समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण नहीं कराते।

ऐसे में दुर्घटना, चोरी, आग या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में बीमा का लाभ नहीं मिल पाता और पूरा आर्थिक बोझ वाहन मालिक पर आ जाता है। इससे सरकार को भी राजस्व का नुकसान होता है।

थर्ड पार्टी बीमा अनिवार्य

सड़क पर चलने वाले वाहन के लिए कम से कम थर्ड पार्टी बीमा अनिवार्य है। यदि वाहन से किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान पहुंचता है, तो मुआवजे की जिम्मेदारी बीमा कंपनी उठाती है। लेकिन थर्ड पार्टी बीमा नहीं होने पर यह पूरा दायित्व वाहन मालिक पर आ जाता है। वहीं फर्स्ट पार्टी बीमा वाहन को हुए नुकसान की भरपाई में मदद करता है।

राज्य में गाड़ियों की संख्या दोपहिया
दोपहरिया 70.80लाख
तीनपहिया 1.26 लाख
कार 4.42 लाख
कमर्शियल वाहन 6.15 लाख
अन्य वाहन 5.13 लाख
कुल वाहन 95,75,343

पकड़े जाने पर दो से 10 हजार तक का जुर्माना

बिना बीमा वाहन चलाना मोटर वाहन कानून का उल्लंघन है। पहली बार पकड़े जाने पर 2,000 तक जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने पर 10,000 तक जुर्माना या तीन महीने तक की सजा का प्रविधान है। परिवहन विभाग ने बिना बीमा चलने वाले वाहनों की पहचान के लिए निगरानी भी तेज कर दी है।

वहीं शहरों में विभाग के विशेष मोबाइल एप के माध्यम से बीमा, फिटनेस और अन्य दस्तावेजों की जानकारी एक क्लिक में प्राप्त कर कार्रवाई की जा रही है।

वाहन मालिकों से फर्स्ट पार्टी के साथ थर्ड पार्टी बीमा भी समय पर नवीनीकृत कराने की अपील लगातार कर रहे हैं। केवल कार्रवाई से बचने के बजाय समुचित बीमा कराना वाहन मालिकों के हित में है।

-डी.रविशंकर,अपर परिवहन आयुक्त

 

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page