Home / छत्तीसगढ़ / *झीरम घाटी केस: 13 साल बाद आया फैसला, 10 दोषी*

*झीरम घाटी केस: 13 साल बाद आया फैसला, 10 दोषी*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

जगदलपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) झीरम घाटी हमले के करीब 13 साल पुराने मामले में NIA की विशेष अदालत ने शनिवार को अहम फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में बचे सभी 10 आरोपितों को दोषी करार दिया है। लंबे समय से इस मामले के फैसले का इंतजार कर रहे पीड़ित परिवारों के लिए इसे महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

अदालत ने इस नक्सल हमले के मामले में सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। इससे पहले अदालत ने 12 अगस्त को दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे 31 अगस्त के बजाय शनिवार को जारी किया गया।

25 मई 2013 को हुआ था हमला

यह मामला 25 मई 2013 का है, जब कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान दरभा की झीरम घाटी में नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था। इस भीषण हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 32 लोगों की मौत हुई थी।

घटना के दो दिन बाद 27 मई 2013 को केंद्र सरकार ने इसकी जांच एनआईए को सौंपी थी। एनआईए ने 40 मुख्य आरोपियों समेत 150 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी, जिनमें से 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी, जबकि शेष 10 आरोपी हिरासत में हैं। इस पूरे केस में अभियोजन पक्ष की तरफ से 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे।

ये नेता मारे गए थे

महेंद्र कर्मा: महेंद्र कर्मा छत्तीसगढ़ की राजनीति में आदिवासी समाज के प्रभावशाली नेताओं में शामिल थे। वे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके थे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे। बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ सलवा जुडूम आंदोलन से उनका नाम प्रमुखता से जुड़ा था। 25 मई 2013 को झीरम घाटी हमले में उनकी हत्या कर दी गई।

नंद कुमार पटेल: नंद कुमार पटेल छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश की राजनीति के प्रमुख नेताओं में थे। वे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री भी रह चुके थे तथा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई थी। झीरम हमले के दौरान उन्हें उनके बेटे दिनेश पटेल के साथ माओवादियों ने अगवा कर लिया था। दोनों की हत्या कर दी गई।

विद्याचरण शुक्ल: विद्याचरण शुक्ल छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय राजनीति में पहचान बनाने वाले दिग्गज कांग्रेस नेता थे। वे कई बार केंद्रीय मंत्री रहे और देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। झीरम घाटी हमले में वे गंभीर रूप से घायल हुए थे। उपचार के दौरान 11 जून 2013 को उनका निधन हो गया।

उदय मुदलियार: उदय मुदलियार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजनांदगांव से विधायक रह चुके थे। वे 1993-98 और 2003-08 के दौरान विधानसभा के सदस्य रहे। 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर हुए झीरम हमले में माओवादियों ने उनकी हत्या कर दी। वे बस्तर और प्रदेश कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते थे।

योगेंद्र शर्मा: योगेंद्र शर्मा छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे और झीरम घाटी में परिवर्तन यात्रा के काफिले के साथ थे। 25 मई 2013 को माओवादियों के हमले में उनकी भी हत्या कर दी गई। झीरम हमले में मारे गए प्रमुख राजनीतिक नेताओं में उनका नाम दर्ज है। उनकी पत्नी अनीता शर्मा कांग्रेस से विधायक रह चुकी है।

दोषी ठहराए गए 10 आरोपियों के नाम

प्रमिला मोडियम
चैतु लेकाम उर्फ मुन्ना
सुमित्रा उर्फ सुमित्रा पुनेम मोडियम
मुक्का मांडवी
कोसा कवासी उर्फ कोसाराम
आयत मरकाम
मड़कामी देवा
जोग मड़कामी
बंजमी सेना उर्फ चमरू उर्फ देंगा
महादेव

 

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page