नफरत नहीं,संवाद चाहिए। विभाजन नहीं,भाईचारा चाहिए। छत्तीसगढ़ में सामाजिक सौहार्द और अमन कायम रहना चाहिए।TNRAT
बिलासपुर।, सियासत दर्पण न्यूज़,,बिलासपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान काजल हिंदुस्तानी द्वारा दिए गए कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ घिरा हुआ है 3 दिशाओं से—मुल्ला, मार्क्सिस्ट और मिशनरी से।”
TNRAT इस तरह की भाषा और बयानबाजी पर कड़ा विरोध दर्ज करती है।
हमारा स्पष्ट मत है कि किसी भी लोकतांत्रिक एवं बहुधार्मिक समाज में विचारों की असहमति हो सकती है, लेकिन किसी धार्मिक या वैचारिक पहचान को इस प्रकार पूरे समुदाय के संदर्भ में प्रस्तुत करना सामाजिक विभाजन और आपसी अविश्वास को बढ़ावा दे सकता है।
यह भी उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में गुजरात के ऊना में कथित भड़काऊ भाषण के मामले में काजल हिंदुस्तानी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था और अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा था। उस मामले में उनके भाषण के बाद सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की स्थिति उत्पन्न होने की बात पुलिस एवं विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में सामने आई थी।
ऐसे पूर्व विवादों के बावजूद यदि सार्वजनिक मंचों से पुनः ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, तो यह और भी गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। TNRAT का मानना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति से अपने शब्दों और उनके संभावित सामाजिक प्रभाव के प्रति विशेष जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है।
छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द से है। ऐसे में सार्वजनिक मंचों से दिए जाने वाले प्रत्येक बयान में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता अपेक्षित है।
TNRAT का मानना है कि राजनीतिक या वैचारिक मतभेदों को किसी समुदाय के विरुद्ध सामान्यीकृत भाषा में पेश नहीं किया जाना चाहिए। किसी भी बयान की आलोचना तथ्यों और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि किसी समुदाय की धार्मिक पहचान को निशाना बनाकर।
TNRAT प्रशासन एवं संबंधित जिम्मेदार संस्थाओं से भी आग्रह करती है कि यदि उक्त बयान कानून या सामाजिक सौहार्द से संबंधित किसी प्रावधान का उल्लंघन करता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए।
हम स्पष्ट रूप से कहते हैं—
नफरत नहीं, संवाद चाहिए।
विभाजन नहीं, भाईचारा चाहिए।
छत्तीसगढ़ में सामाजिक सौहार्द और अमन कायम रहना चाहिए।
TNRAT इस बयान का कड़ा विरोध करती है और सभी समुदायों से शांति, संयम एवं आपसी सम्मान बनाए रखने की अपील करती है।





