रायपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) राजधानी के रामसागरपारा निवासी कारोबारी राजकुमार दम्मानी से दूसरे की जमीन को अपनी बताकर 23 लाख रुपये ले लिए गए। शिकायत के अनुसार, आदित्य प्रताप सिंह पिता डॉ. भानुप्रताप सिंह ने मंदिर हसौद क्षेत्र में स्थित करीब पांच एकड़ कृषि भूमि को बेचने का सौदा किया था। आरोप है कि इसके लिए असली जमीन मालिक आदित्य प्रताप सिंह पिता बृजपाल सिंह के नाम का फर्जी आधार कार्ड बनवाकर इस्तेमाल किया गया।
कारोबारी से टोकन राशि सहित कुल 23 लाख रुपये लेने के बाद भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। शिकायत पर मंदिर हसौद पुलिस ने आरोपित आदित्य प्रताप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
34 लाख रुपये प्रति एकड़ में तय किया सौदा
राजकुमार दम्मानी के मुताबिक, मंदिर हसौद क्षेत्र में स्थित सात खसरों की कुल 1.857 हेक्टेयर यानी करीब पांच एकड़ कृषि भूमि का सौदा 34 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से तय हुआ था। राजस्व अभिलेखों में जमीन आदित्य प्रताप सिंह पिता बृजपाल सिंह के नाम पर दर्ज है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आदित्य प्रताप सिंह पिता डॉ. भानुप्रताप सिंह ने समान नाम का लाभ उठाते हुए खुद को जमीन का वास्तविक मालिक बताया और बिक्री का अनुबंध कर लिया।
टोकन के एक लाख नकद, बाकी राशि बैंक से दी
शिकायत के अनुसार, 28 अक्टूबर 2024 को मंदिर हसौद स्थित गुजराती होटल के सामने एक लाख रुपये नकद टोकन राशि दी गई। इसके बाद 22 लाख रुपये बैंक खाते और आरटीजीएस के माध्यम से अलग-अलग तारीखों पर दिए गए। इस तरह कारोबारी ने कुल 23 लाख रुपये का भुगतान किया। जमीन की बिक्री के लिए 28 अक्टूबर 2024 को इकरारनामा भी कराया गया था।
रजिस्ट्री की बात आई तो करने लगा टालमटोल
राजकुमार दम्मानी का आरोप है कि रकम लेने के बाद जब जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए कहा गया तो संबंधित व्यक्ति टालमटोल करने लगा। उसने जमीन की ऋण पुस्तिका गुम होने और उसकी दूसरी प्रति प्राप्त करने के लिए आवेदन देने की बात कही। बाद में कारोबारी को जानकारी मिली कि जमीन के वास्तविक मालिक के पिता का नाम बृजपाल सिंह है, जबकि सौदा करने वाले आदित्य प्रताप सिंह के पिता का नाम डॉ. भानुप्रताप सिंह है। इसके बाद कारोबारी ने पुलिस से शिकायत की।






