बिलासपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) नेशनल हाईवे 130 बिलासपुर-कटघोरा मार्ग पर बेलतरा कन्या शाला की छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्रस्तावित फुट ओवरब्रिज राजनीति की भेंट चढ़ रहा है। हाईकोर्ट के आदेश पर ढाई करोड़ की लागत से स्वीकृत इस जीवनरक्षक निर्माण पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अड़ंगा लगा दिया है। मासूम बच्चियों की जिंदगी से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर सियासत गरमा गई है।
नेशनल हाईवे-130 पर बेलतरा स्थित स्कूल की छात्राओं को रोजाना तेज रफ्तार भारी वाहनों के खौफ के बीच जान हथेली पर रखकर सड़क पार करनी पड़ती है। हादसों की रोकथाम के लिए माननीय उच्च न्यायालय WPPIL 127/2021 के निर्देश पर एनएचएआई ने एजेंसी मेसर्स शिवा एसोसिएट्स को निर्माण का टेंडर जारी किया। ठेका कंपनी ने मौके पर नीव की खुदाई की तैयारी की, तभी जिला पंचायत सभापति अनुसुईया कश्यप, स्थानीय सरपंच और भाजपा कार्यकर्ताओं ने एसडीएम व तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर काम रुकवा दिया।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ओवरपास केवल पैदल चलने वालों के काम आएगा, जबकि क्षेत्रवासियों को कृषि उपकरण, ट्रैक्टर और चारपहिया वाहन ले जाने के लिए बरभाठा से बस्ती तक सीधा जमीनी रास्ता चाहिए। इधर, पालकों का कहना है कि वाहनों के चक्कर में छात्राओं की सुरक्षा की अनदेखी अमानवीय है। राजनीतिक दबाव और कार्यस्थल पर भारी हंगामे की आशंका को देखते हुए निर्माण एजेंसी काम शुरू नहीं कर सकी है।एनएचएआई ने हाईकोर्ट की अवमानना का हवाला देते हुए प्रशासन से पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माण कराने की मांग की है।
हादसों का डार्क स्पाट बना स्कूल क्षेत्र, पालक चिंतित
कन्या शाला के सामने हाईवे पार करना छात्राओं के लिए रोज मौत को चकमा देने जैसा है। पूर्व में भी यहां कई राहगीर तेज रफ्तार ट्रकों की चपेट में आ चुके हैं। पालकों का कहना है कि जनप्रतिनिधि अपने स्वार्थ में बच्चियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। यदि ओवरब्रिज नहीं बना तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
निजी भूमि का पेंच और बुजुर्गों की परेशानी का दावा
विरोध करने वाले जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि ओवरब्रिज की सीढ़ियां चढ़ना बुजुर्गों, दिव्यांगों और मरीजों के लिए संभव नहीं होगा। उनका आरोप है कि ओवरपास का ढांचा कुछ निजी जमीनों के सामने आ रहा है, जिससे उनका रास्ता बंद होगा। वे सीधे डिवाइडर कट की मांग पर अड़े हैं, जिसे एनएचएआई तकनीकी रूप से खतरनाक मानती है।
कलेक्टर से लगा चुके है ग्रामीण गुहार
नेशनल हाइवे 130 पर भारी वाहनों का लगातार दबाव बना रहता है। स्कूली बच्चो की जान पर लगातार बढ़ते जोखिम को देखते हुए, परिजनों व ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंच कर कलेक्टर से एफओबी बनाने की मांग रखी है, जिससे उनके बच्चे सुरक्षित सड़क पार कर घर व स्कूल पहुंच सके।





