Home / राजधानी / *अजगर के मुंह से निकला 200 ग्राम का ट्यूमर, डॉक्टरों ने किया ऑपरेशन*

*अजगर के मुंह से निकला 200 ग्राम का ट्यूमर, डॉक्टरों ने किया ऑपरेशन*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

रायपुर/बिलासपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अजगर के मुंह से ऑपरेशन कर 200 ग्राम का ट्यूमर निकाला गया है। वेटरनरी डॉक्टरों ने 2 घंटे से ज्यादा समय तक सर्जरी कर उसकी जान बचाई। ऑपरेशन के बाद अजगर को ड्रिप लगाकर विशेष निगरानी में रखा गया है।

दरअसल, स्नेक रेस्क्यूअर सत्यम द्विवेदी ने इंडियन रॉक पाइथन को सरगुजा के जंगल से रेस्क्यू किया था। उसका वजन करीब 8.5 किलो था। उस समय उसके गले के पास सूजन थी और मुंह का आकार बढ़ा हुआ था।

वेटरनरी डॉक्टरों से जांच कराने पर ट्यूमर होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद सर्जरी की गई। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ट्यूमर नहीं निकालने पर कैंसर का खतरा था, इसलिए सर्जरी जरूरी थी।

स्नेक रेस्क्यूअर को अजगर के मुंह में दिखी गांठ

अंबिकापुर के स्नेक रेस्क्यूअर सत्यम द्विवेदी ने बताया कि सरगुजा के एक इलाके में अजगर दिखने की सूचना मिली थी। उसका रेस्क्यू किया गया। इस दौरान उनकी नजर अजगर के मुंह में मौजूद गांठ पर पड़ी। गांठ देखकर उन्होंने वेटरनरी डॉक्टरों से संपर्क किया।

जांच में पता चला कि अजगर के मुंह में ट्यूमर है, जिसे निकालने के लिए सर्जरी की जरूरत थी। इलाज की पूरी जानकारी मिलने के बाद 12 अक्टूबर को सत्यम अजगर को लेकर 250 किलोमीटर सफर तय करते हुए बिलासपुर पहुंचे।

ट्यूमर नहीं निकालने पर था कैंसर का खतरा

करीब 8.5 किलो वजनी इंडियन रॉक पाइथन का इलाज बिलासपुर के कानन पेंडारी में किया गया। डॉक्टर पीयूष दुबे ने अपनी टीम के साथ जटिल ऑपरेशन कर ट्यूमर निकाल दिया। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ट्यूमर नहीं निकालने पर कैंसर का खतरा था, इसलिए सर्जरी जरूरी थी।

सर्जरी के बाद विशेष देखभाल

अजगर की सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। ऑपरेशन के बाद उसे ड्रिप लगाई गई और विशेष देखभाल में रखा गया है। जिससे उसकी सेहत में सुधार हो सके। मुंह में ट्यूमर होने के कारण अजगर की स्थिति गंभीर हो सकती थी। ऐसे में समय पर रेस्क्यू और इलाज उसकी जान बचाने में अहम साबित हुआ।

वाइल्डलाइफ ट्रीटमेंट में बड़ी उपलब्धि

वाइल्डलाइफ ट्रीटमेंट के फील्ड में इस ऑपरेशन को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में किसी रेप्टाइल (सांप) से गांठ निकालने की यह शायद पहली सफल सर्जरी है।

8-10 हजार से ज्यादा सांपों का कर चुके है रेस्क्यू

अंबिकापुर के स्नेकमैन सत्यम द्विवेदी अब तक 10 हजार से अधिक सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं। सत्यम के अनुसार, वे पिछले 10 सालों से इस काम को कर रहे हैं। वे सांपों का रेस्क्यू करते हैं और उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ते हैं।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page