बिलासपुर:(सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में साइबर ठगों के हौसले पूरी तरह बुलंद हैं। सरकंडा थाना क्षेत्र के राजकिशोर नगर इलाके में शातिर ठगों ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड SECL के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी का मोबाइल फोन हैक कर उनके बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से कुल 1.39 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली।
ठगों ने पहले मोबाइल को अपने कब्जे में लिया, फिर बचत खाते से पैसे क्रेडिट कार्ड में डालकर फ्लिपकार्ट के जरिए महंगे सामानों की ऑनलाइन खरीदी कर डाली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
मोबाइल काम करना हुआ बंद, फिर शुरू हुआ खेल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत राजकिशोर नगर स्थित कल्याण बाग निवासी भक्तिमय चौधरी 66 वर्षीय SECL के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि 12 अक्टूबर की दोपहर करीब 3 बजे किसी अज्ञात साइबर ठग ने उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया था। इस दौरान उनका मोबाइल पूरी तरह हैंग हो गया था और ठीक से ऑपरेट नहीं हो पा रहा था। कुछ समझ पाते तब तक ठग अपना काम कर चुके थे।
दो बार में निकाले गए 65 हजार और 73 हजार
शाम करीब 6 बजे जब रिटायर्ड कर्मी ने अपने बैंक का मोबाइल एप्लीकेशन चेक किया, तो उनके होश उड़ गए। बैंक खाते से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 65 हजार रुपये और 73 हजार रुपये निकाले जाने की जानकारी सामने आई। अचानक खाते से इतनी बड़ी रकम कटने से पीड़ित परिवार में हड़कंप मच गया।
फ्लिपकार्ट के जरिए की गई ऑनलाइन शॉपिंग
घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने उसी रात राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके अगले दिन वे बैंक और तारबाहर स्थित साइबर क्राइम ब्रांच पहुंचे, जहां उन्होंने अपना बैंक स्टेटमेंट निकलवाया।
साइबर सेल की तकनीकी जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि बचत खाते से निकाली गई रकम को पहले उनके ही क्रेडिट कार्ड में जमा किया गया था। इसके बाद उस क्रेडिट कार्ड से 40,918 रुपये, 65 हजार रुपये और 32 हजार रुपये के तीन बड़े ट्रांजेक्शन किए गए, जिसके जरिए फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड को भुगतान किया गया।
पुलिस ने दर्ज किया केस, तलाश जारी
पीड़ित की लिखित शिकायत और साइबर सेल की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर स्थानीय पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस फ्लिपकार्ट से उन ट्रांजेक्शन और आईडी की जानकारी मांग रही है जिस पर यह खरीदी की गई है।






