रायपुर।सियासत दर्पण न्यूज़, रायपुर में शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। चर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी अनवर ढेबर के आवास पर भी ईडी की टीम पहुंची। सुबह से जारी इस कार्रवाई से राजधानी में हलचल मच गई है।
जानकारी के अनुसार, ईडी के अधिकारी रायपुर में तीन से चार अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रहे हैं। अलग-अलग टीमों ने संबंधित ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की है। कार्रवाई के दौरान अनवर ढेबर के आवास के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षाबलों की तैनाती के बीच ईडी के अधिकारी घर के भीतर जांच में जुटे हुए हैं। फिलहाल छापेमारी किन तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच एजेंसी की ओर से भी कार्रवाई को लेकर विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। अब इस कार्रवाई के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों पर नजर बनी हुई है।

कारोबार से जुड़े बताए जाते हैं। वे साईं ऑयल करियर और रवि रोडलाइन्स के संचालक हैं। यह कार्रवाई कोल लेवी और शराब घोटाले की जांच से संबंधित बताई जा रही है।
कोरबा में नगर पालिका अध्यक्ष के ठिकानों पर कार्रवाई
कोरबा जिले के कटघोरा में ईओडब्ल्यू की टीम ने नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल के आवास और नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकाने पर दबिश दी। दोनों स्थानों पर एक साथ जांच की गई। इस कार्रवाई को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए डीएमएफ घोटाले की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, एजेंसी की ओर से छापेमारी के कारणों और जांच के दायरे को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
पहले भी कई स्थानों पर हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले भी प्रवर्तन निदेशालय ने रायपुर के पंडरी क्षेत्र स्थित रवि नगर के सुशील विला और दुर्ग के ऋषभ ग्रीन सिटी में छापेमारी की थी। रायपुर में कारोबारी नितिन डागा के आवास पर पहुंची टीम ने दस्तावेजों की जांच की थी। वहीं दुर्ग में ट्रांसपोर्ट और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े गुलशन बघेल के घर भी अधिकारियों ने दबिश दी थी।
जांच के नतीजों पर टिकी नजर
शराब घोटाला, कोल लेवी और डीएमएफ से जुड़े मामलों में अलग-अलग जांच एजेंसियों की लगातार कार्रवाई से प्रदेश में हलचल बढ़ गई है। हालांकि, शुक्रवार को हुई छापेमारी में क्या दस्तावेज या अन्य साक्ष्य मिले हैं, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। जांच एजेंसियों की ओर से आधिकारिक विवरण जारी होने के बाद ही कार्रवाई की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।





