बीजापुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। जिले के उसूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुजारी कांकेर के जंगल-पहाड़ी इलाके में सुरक्षा बलों ने संयुक्त सर्चिंग अभियान के दौरान माओवादियों की ओर से छिपाकर रखे गए डंप का भंडाफोड़ किया है। मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को खुफिया स्रोतों से सूचना मिली थी कि पामेड़ एरिया कमेटी के अज्ञात माओवादियों द्वारा पुजारी कांकेर कैंप से लगभग पांच किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में पहाड़ी क्षेत्र के भीतर भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री और हथियार छिपाकर रखे गए हैं। इस पुख्ता सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में इलाके में एक सुनियोजित और सघन तलाशी अभियान चलाने का निर्णय लिया।
सीआरपीएफ और कोबरा वाहिनी टीम रही शामिल
यह पूरा सफल अभियान आईजी सेक्टर छत्तीसगढ़ केके कबीब के दिशा-निर्देश तथा डीआईजी ऑप्स रेंज बीएस नेगी के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। अभियान के तहत 196वीं वाहिनी सीआरपीएफ और 208वीं कोबरा वाहिनी की संयुक्त टीम ने कमांडेंट कुमार मनीष के निर्देशन में पुजारी कांकेर के आसपास के घने जंगलों में मोर्चा संभाला। सुरक्षा बलों के जवानों ने पूरी सतर्कता के साथ इलाके के चप्पे-चप्पे की सघन तलाशी ली।
143 बीजीएल राउंड और सिंटेक्स टंकी बरामद
सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों को एक संदिग्ध डंप का पता चला। जब जवानों ने उसकी बारीकी से जांच की, तो वहां से भारी मात्रा में विस्फोटक और सामग्रियां मिलीं। इस डंप से कुल 143 बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) राउंड और एक सिंटेक्स टंकी बरामद की गई। सुरक्षा बलों ने अत्यंत सतर्कता बरतते हुए सभी सामग्रियों को अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस थाना उसूर को सौंपी गई सामग्रियां
बरामद की गई सभी विस्फोटक सामग्रियों को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना उसूर पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस इस मामले में आगे की विस्तृत कानूनी कार्रवाई कर रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस संयुक्त और सफल अभियान से क्षेत्र में सक्रिय माओवादियों की गतिविधियों पर एक बार फिर प्रभावी अंकुश लगाने में बड़ी मदद मिलेगी।






