*हिमालयन हाइट्स फेज वन और टू के रहवासियों में झगड़ा कराने में अधिकारी विफल*

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रायपुर। राजधानी रायपुर के डूमरतराई स्थित हिमालयन हाइट्स फेज वन और टू के रहवासियों में झगड़ा कराने की छत्‍तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CGHB) की साजिश नाकाम हो गई है। सीजीएचबी ने सूचना आयुक्त धन्वेंद्र जायसवाल के नेतृत्व में एक सोसायटी को दोनों कालोनियों के रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपकर स्थिति बिगाड़ने का षड़यंत्र रचा था। 22 जनवरी 2024 को हुए समझौते के आधार पर 1 फरवरी से जिम्मेदारियों का हस्तांतरण हो जाना था। रहवासियों के भारी विरोध के कारण विभागीय मंत्री ओपी चौधरी और सीजीएचबी आयुक्त डा. अय्याज तंबोली ने हस्तक्षेप किया। ज्ञापनों के आधार पर 30 जनवरी को निर्णय वापस ले लिया गया। प्राथमिक पड़ताल में स्पष्ट है कि आरटीआइ के मामलों में फंसे अपर आयुक्त अजीत पटेल के दवाब में सीजीएचबी के अधिकारियों ने इसकी पृष्ठभूमि तैयार की। कार्यपालन अभियंता विनोद कुमार गहरवार ने समझौता करते हुए सूचना आयुक्त धन्वेंद्र के नेतृत्व वाली रेसिडेंस कोआपरेटिव सोसायटी मर्यादित, डूमरतराई को जिम्मेदारी सौंप दी थी। हिमालयन हाइट्स फेज टू सोसायटी की अध्यक्ष प्रीती दुबे के नेतृत्व में रहवासियों ने दोनों फेज के रखरखाव की जिम्मेदारी जायसवाल के नेतृत्व वाली सोसासटी को सौंपे जाने का विरोध किया था। सीजीएचबी के उपायुक्त संदीप साहू की तरफ से कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार गहरवार को लिखे गए पत्र में जायसवाल की सोसायटी का पंजीयन 26 अप्रैल 2023 को कराई गई थी परंतु लगभग एक वर्ष बाद भी चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। प्रत्येक छह माह में कम से कम एक बैठक के आयोजन की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई और उक्त सोसायटी का आडिट भी नहीं हुआ है।

 

पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि कालोनी के हस्तांतरण के संबंध में सोसायटी के संस्थापकों के अतिरिक्त अन्य रहवासियों को भी जानकारी नहीं थी। साहू की तरफ से कहा गया है कि फेज वन एवं टू के अधिकांश सदस्यों के विरोध के कारण उक्त सोसायटी द्वारा के गए हस्तांतरण को वर्तमान में आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। अब कालोनी का रखरखाव कार्य सीजीएचबी के माध्यम से ही पूर्ववत जारी रखा जाएगा। इस संबंध में संपर्क करने पर सूचना आयुक्त धनेंद्र जायसवाल ने बताया कि अपर आयुक्त अजीत पटेल सीजीएचबी के अन्य अधिकारियों के साथ कई बार हिमालयन हाइट्स फेज वन आए थे और उनके अनुरोध पर ही रखरखाव की जिम्मेदारी सोसायटी ने ली। अंतिम चरण में जबरदस्ती फेज टू का नाम भी समझौते मं जोड़ दिया। फेज टू का रखरखाव मुश्किल काम है क्योंकि यहां अधिकांश मकान खाली हैं। दूसरी तरफ अपर आयुक्त अजीत पटेल का दावा है कि मेरे से ऐसी बात नहीं हुई है। धन्वेंद्र बार-बार सोसायटियों के रखरखाव की जिम्मेदारी पाने के लिए सीजीएचबी के साथ संपर्क कर रहे थे। उनके अनुरोध को ध्यान में रखते हुए दोनों फेज के रखरखाव की जिम्मेदारी जायसवाल की अध्यक्षता वाली सोसायटी को सौंपी गई थी। दोनों सोसायटियों के सदस्यों के विरोध के बाद निर्णय वापस ले लिया गया है।

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