बिलासपुर.सियासत दर्पण न्यूज़, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. शाहिद अली की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उन्हें सेवा में बहाल करने का आदेश दिया है. इसके साथ ही याचिकाकर्ता को सभी लंबित बकाया राशि का भुगतान करने को कहा गया है. प्रोफेसर शाहिद अली को पत्रकारिता विश्वविद्यालय से इस आधार पर बर्खास्त कर दिया गया था कि वह आरएसएस की विचारधारा रखते हैं। इसके साथ ही उन पर नौकरी पाने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र पेश करने का भी आरोप लगाया गया था. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बिना जांच कराए ही उन्हें हटा दिया था. इसके खिलाफ प्रोफेसर अली ने हाई कोर्ट की शरण ली. यहां प्रस्तुत याचिका में बताया गया कि दरअसल कुलपति बलदेव भाई सिर्फ ग्रेजुएट हैं और उन्हें कुलपति बनाया गया है. कुछ समय पूर्व शिक्षाविद् डॉ शाहिद अली को महाराष्ट्र के सांगली में प्रेस विरासत हरीशचंद्र मुखोपाध्याय सम्मान से अलंकृत किया। यह सम्मान डॉ अली को मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान और नवोदित कलमकारों की पीढ़ी तैयार करने हेतु इंटेलेक्चुअल सोसाइटी आफ मीडिया प्रोमोटर्स ने वर्ष 2023 के लिए शांतिनिकेतन लोकविद्यापीठ सांगली में प्रदान किया था।
सियासत दर्पण न्यूज़ से बिलासपुर ज़िला ब्यूरो चीफ डॉ शाज़िया अली खान की रिपोर्ट









