*महतारी वंदन योजना की 70 लाख हितग्राहियों की होगी जांच,,अपात्र हितग्राहियों से राशि की वसूली की जायगी*

रायपुर,(सियासत दर्पण न्यूज़)  महिला व बाल विकास विभाग ने महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों की पात्रता फिर से जांचने की तैयारी की है। जांच में गलत तरीके से योजना का लाभ लेना पाए जाने पर अपात्र हितग्राहियों से राशि की वसूली भी होगी। विभाग ने यह कदम उन शिकायतों के बाद उठाने का निर्णय लिया है जिसमें योजना का लाभ अपात्र महिलाओं के द्वारा लिए जाने की बात सामने आई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार शासकीय सेवा में पदस्थ, सेवानिवृत्त या पेंशन का लाभ ले रहीं बहुत सी महिलाओं ने आवेदन किया और उनमें से कई महिलाएं योजना से लाभान्वित भी हो रही हैं। ऐसे भी मामले आए हैं, जिनमें एक ही आवेदक ने दो- दो आवेदन किए और दोनों ही स्वीकृत हो गए हैं। ऐसी महिलाओं के खाते में दो-दो बार राशि हस्तांरित हो रही है। ऐसे अधिकतर मामलों में आवेदकों ने स्वयं के अलावा अपने पति या स्वजन का भी आधार कार्ड नंबर आवेदन में लगाया था। सत्यापन के दौरान यह पकड़ में नहीं आया। विभाग एक नाम वाले 20 हजार से अधिक आवेदनों की जांच कर रहा है। इनमें नाम, पता, जन्मतिथि समान हैं। शासकीय सेवा में पदस्थ एक अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि उनके दोस्त की पुत्रवधु रायपुर के विश्वविद्यालय में कर्मी हैं, इसके बाद भी योजना का लाभ मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में अभी भी बहुत सी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिला है। लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद उन्हें महतारी वंदन योजना 2.0 शुरू होने की उम्मीद है। चुनाव आचार संहिता लागू होते ही आवेदन जमा करने की प्रक्रिया बंद कर दी गई थी। 10 मार्च को महतारी वंदन योजना की पहली किस्त जारी की गई थी। पीएम मोदी ने 70.14 लाख से अधिक महिलाओं को 655.57 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की थी।योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने वाली दो लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हुए थे। इससे महिलाएं महतारी वंदन योजना की पहली किस्त से वंचित हो गई थी। पहली किस्त जारी होने के अंतिम दिन तक आधार से खातों को लिंक करने की प्रक्रिया चली थी। इसके बाद पहली किस्त से वंचित महिलाओं को दूसरी किस्त में राशि जारी हुई थी। गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लेने वालों की जांच कराई जाएगी। अधिकारियों को पारदर्शिता के निर्देश दिए गए हैं। हितग्राहियों के आवेदन की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
– लक्ष्मी राजवाड़े मंत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग
योजना के लिए 70.26 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें से 70.14 लाख महिलाओं को पात्र माना गया। 11,771 आवेदन रिजेक्ट हुए थे। पात्र महिलाओं को प्रत्येक माह एक-एक हजार रुपये दिए जा रहे हैं। अब तक चार किस्तों में 2,500 करोड़ से अधिक की राशि जारी हो चुकी है।

  • Related Posts

    *गरीब परिवार से 1 लाख की वसूली करने वाले पंचायत सचिव को निलंबित किया गया*

    बलरामपुर. (सियासत दर्पण न्यूज़) ग्राम पंचायत चैनपुर के पंचायत सचिव स्पात राम ने हितग्राही रिखू राम के पीएम आवास के निर्माण की राशि जारी करने की एवज में एक लाख…

    *मददगार की पिटाई, वृद्ध पर टूट पड़ा युवक*

    कोरबा. (सियासत दर्पण न्यूज़) साप्ताहिक बाजार से लौट रहे ग्रामीण को मदद के लिए हाथ बढ़ाना महंगा पड़ गया. उसकी सड़क पर पड़े युवक ने अपने साथी के साथ बेरहमी…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    *नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हुए शामिल*

    • By SIYASAT
    • February 14, 2026
    • 1 views
    *नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हुए शामिल*

    *गरीब परिवार से 1 लाख की वसूली करने वाले पंचायत सचिव को निलंबित किया गया*

    • By SIYASAT
    • February 14, 2026
    • 1 views
    *गरीब परिवार से 1 लाख की वसूली करने वाले पंचायत सचिव को निलंबित किया गया*

    *मददगार की पिटाई, वृद्ध पर टूट पड़ा युवक*

    • By SIYASAT
    • February 14, 2026
    • 1 views
    *मददगार की पिटाई, वृद्ध पर टूट पड़ा युवक*

    *टिकरापारा से लापता लड़की का शव राजिम के पास मिला*

    • By SIYASAT
    • February 14, 2026
    • 4 views
    *टिकरापारा से लापता लड़की का शव राजिम के पास मिला*

    *सार्वजनिक स्थान पर गांजा सेवन करते युवक की गिरफ्तारी*

    • By SIYASAT
    • February 14, 2026
    • 1 views
    *सार्वजनिक स्थान पर गांजा सेवन करते युवक की गिरफ्तारी*

    *कांकेर जंगल में छिपा हथियारों का बड़ा जखीरा पकड़ में आया*

    • By SIYASAT
    • February 14, 2026
    • 1 views
    *कांकेर जंगल में छिपा हथियारों का बड़ा जखीरा पकड़ में आया*

    You cannot copy content of this page